राम हम जैसे इंसान थे उनकी पूजा करना ढोंग है : दिग्विजय सिंह




दिग्विजय सिंह अपने बयानों से लगातार भारतीय राजनीति में छाए रहते हैं भले ही वह विवादित हो। अब जब सीता जी के जन्मस्थली को जीर्णाधार की बात चली तो उसमें भी कूदे बिना नहीं रहे। वरिष्ठ कांग्रेस व राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह एक बार फिर विवाद में आ गए हैं। इस बार इन्होंने राज्यसभा में पर्यटन मंत्री महेश शर्मा के जवाब से संतुष्ट न होते हुए कहा कि सरकार के लिखित उत्तर और जवाब देने में अंतर है। sita ka etihasik prman nahi hai

सरकार धार्मिक पर्यटन के जीर्णोधार के लिए लगातार कार्य कर रही है

सरकार जिस प्रकार से कह रही है कि उससे यह साफ होता है कि राम को आस्था से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है। जबकि रामसेतु को लेकर सरकार गंभीर है। तो दूसरी ओर सरकार यह कह रही है कि सीता का जन्मस्थल को केवल आस्था का विषय बताया जा रहा है जो पूर्ण रूप से गलत बयानी है। sita ka etihasik prman nahi hai

कोई भी जवाब बिना प्रत्यक्ष प्रमाण का दिया जा रहा है। एक तरफ सरकार अयोध्या सर्किट को विकसित करने की बात कही जा रही है दूसरी ओर प्रत्यक्ष प्रमाण न होने की बात कह रही है। अगर मंत्री महोदय प्रत्यक्ष प्रमाण की बात कह रहे हैं तो क्या राम सीता के स्वयंवर के प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। दिग्विजय सिंह लगातार ऐसे राजनीतिक मसले पर कूदते हैं जिसमें विवाद हो ही जाता है। sita ka etihasik prman nahi hai

गौरतलब है कि यह सीतामढ़ी क्षेत्र का है इलाका है जिसके जीर्णोधार के लिए सांसद प्रभात झा ने मंत्री से जवाब मांगा था। दिग्विजय सिंह के प्रश्नों के प्रतिउत्तर देते हुए महेश शर्मा ने कहा है कि सदस्य महोदय अगर पूरा उत्तर पढ़ लेते तो शायद वे प्रश्न नहीं करते। sita ka etihasik prman nahi hai

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गौरतलब है कि सरकार धार्मिक पर्यटन के जीर्णोधार के लिए लगातार कार्य कर रही है इसी कड़ी में अयोध्या सर्किट के विकास में लगी है जिसमें सीतामढ़ी का क्षेत्र भी आता है जहां सीता मइया का जन्म हुआ था जो अभी जीर्ण शीर्ण सा है इसे विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। sita ka etihasik prman nahi hai