स्मृति ईरानी पर हुई मेहेरबानी





स्मृति ईरानी को एक बार फिर अहम मंत्रालय सूचना प्रसारण मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। पिछले साल उन्हें मानव संसाधन विकास मंत्रालय से हटाकर कपड़ा मंत्रालय दे दिया गया था। वेंकैया नायडू के राजग की ओर उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित होने के एक दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मृति ईरानी को सूचना और प्रसारण मंत्रालय का प्रभार दिया है। गौरतलब है कि स्मृति ईरानी मानव संसाधन विकास मंत्रालय में काफी विवादित रही थी जिसके बाद इनको डिमोशन कर कपड़ा मंत्रालय दे दिया गया था। अभी इन्हें सूचना प्रसारण मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है ऐसा माना जा रहा है कि आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल में इसे बदला जा सकता है। smriti par hui meherbani

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सूचना प्रसारण मंत्रालय भी ऐसा है जिसमें काफी मंत्रियों ने विगत तीन सालों में प्रभार संभाला। जिसमें अरुण जेटली, प्रकाश जावेडकर, वेंकैया नायडू के बाद अब स्मृति ईरानी हैं। स्मृति ईरानी से 07 जुलाई को मानव संसाधन मंत्रालय से हटाकर कपड़ा मंत्रालय दे दिया गया था। उस वक्त ऐसा माना जा रहा था कि नरेंद्र मोदी टीवी अभिनेत्री स्मृति ईरानी के दो साल के कार्यकाल से संतुष्ट नहीं थे। दरअसल इनके कार्यकाल में रोहित वेमुला की मौत हुई और जवाहर लाल विश्वविद्यालय में कई विवाद हुए जिससे इनकी छवि पर बुरा असर पड़ा था। स्मृति ईरानी के काम करने के तौर तरीके को लेकर भी कई तरह लोगों को ऐतराज था। इनकी डिग्री को लेकर भी काफी विवाद रहा था। स्मृति ईरानी के समय में हैदराबाद सेंट्रल विश्वविद्यालय, जवाहरलाल विश्वविद्यालय में नारेबाजी विवाद यानी कन्हैया विवाद, नॉन नेट फेलोशिप विवाद से इनकी छवि काफी धूमिल किया। जिसके बाद मंत्रिमंडल में इनके कद को घटाया गया। लेकिन अब उन्हें फिर से सूचना प्रसारण जैसे अहम मंत्रालय देकर उनका कदम बढ़ा दिया गया। अब देखना काफी अहम है कि पत्रकारों से इनका व्यवहार कैसा रहता है। ऐसे समय में जब सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अखबारों के प्रकाशन पर कई तरह के परिवर्तन किए गए हैं। जिसका विरोध भी हो रहा है। अब इन सारे विवादों के निपटारा का जिम्मा स्मृति के पास है। smriti par hui meherbani



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