कश्मीर में अब पेलेट गन की जगह मिर्ची गन का होगा इस्तेमाल




कश्मीर में उपद्रवी पत्थरबाजों को नियंत्रित करने के लिए सेना द्वारा पेलेट गन की कड़ी आलोचना के मद्देनजर भारत सरकार ने नये गन का ईजाद कर लिया है। सेना द्वारा घाटी में पेलेट गन के इस्तेमाल किये जाने से अब सैकड़ों पत्थरबाज घायल हो चूका है। soldiers will use mirchi gun

हालांकि, पेलेट गन से जान-माल का नुकसान कम होता है किन्तु सुप्रीम कोर्ट ने इसे अमानवीय कार्य बताया है। इस बाबत सरकार पेलेट गन की जगह कोई अन्य गन के इस्तेमाल के लिए विचार कर रही है। soldiers will use mirchi gun 

सूत्रों से पता चला है कि गृह मंत्रालय का एक एक्सपर्ट पैनल इसके अपवाद में नये गन पर विचार कर रही है। ये गन मिर्ची गन के नाम से जाना जाता है जो मिर्ची का गोला होता है। इसके इस्तेमाल से उपद्रवियों को नियंत्रित किया जा सकता है। इस गन से टारगेट को ज्यादा नुकसान नहीं होता है बल्कि टारगेट कुछ समय के अचेत हो जाता है।  soldiers will use mirchi gun 

जानिए क्या है पेलेट गन और क्यों कांग्रेस ने पहली बार इसका इस्तेमाल किया था ?


आपको बता दें की सेना ने पेलेट गन के इस्तेमाल से काफी हद तक काबू में कर लिया है। पेलेट गन में कई रेंज के कारतूस होते है जो टारगेट को बिना निशाना बनाये घायल कर सकता है। इस कारतूस में 500 बॉल्स होते है जो क्षेत्र के सभी दिशाओं में एक साथ बिखर कर उपद्रवियों को छेद कर घायल कर देती है। soldiers will use mirchi gun 

टारगेट को बिना निशाना बनाये घायल कर सकता है soldiers will use mirchi gun 

हालांकि, ये उपद्रवियों को नियंत्रित करने का आसान तरीका है किन्तु देखा गया है इसके इस्तेमाल से घाटी में दर्जनों लोगों ने अपनी आँखों की रौशनी को खो दिया है। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट ने पेलेट गन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। soldiers will use mirchi gun 

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मिर्ची गन अथवा पावा गोला ट्रायल में है और अब जबकि कोर्ट ने पेलेट गन पर प्रतिबंध लगा दिया है तो उपद्रवियों के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।  soldiers will use mirchi gun 
( प्रवीण कुमार )