2022  में माया बुआ की मदद से हम उत्तर प्रदेश को पुनः उत्तम राज्य बनाएंगे : अखिलेश यादव




विपक्ष अपने अस्तित्व को बचाने के लिए एकजुट होने में लगा है। लालू प्रसाद की रैली में विपक्षी एकता बनाए रखने के लिए धुर विरोधी बसपा अब सपा साथ में आ गए हैं। सपा प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि 27 अगस्त की लालू याद के नेतृत्व में हो रही रैली में सपा, बसपा और कांग्रेस साथ में आएंगें। अखिलेश यादव ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वे अवश्य इस रैली में जाएंगें। sp will alliance bsp 

सपा, बसपा एक ही मंच पर आ गए

यहां से विपक्ष एक नई दिशा में अपनी रणनीति बनाएगी। इस रैली में 2019 की लोकसभा चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने विपक्ष को एकजुट करते एक बैठक कर चुके हैं। यह उसी तरह की रणनीति है जैसे 2003 के दिसंबर में शुरू किया गया था और 15 जनवरी 2004 तक विपक्ष को एकजुट कर सोनिया गांधी ने भाजपा नीत गठबंधन एनडीए को हराया था। sp will alliance bsp 

अखिलेश यादव इस अवसर को छोड़ना नहीं चाहते।

वैसे ही एकजुटता करने में फिर से जुट गई है लेकिन इस बार सामने नरेंद्र मोदी हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष एकता 2019 के आम चुनाव में जीत हासिल करेगी। कांग्रेस और सपा का साथ चलता रहेगा। वह कांग्रेस और राहुल गांधी को कभी नहीं छोड़ेंगे। सपा और बसपा घोर विरोधी रहे हैं। लेकिन भाजपा के बढ़ते जनाधार ने फिर से दोनों दलों को एक घाट पर ले आया है। sp will alliance bsp 

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हालांकि सपा में भी टूट हो गई है लेकिन सपा का बड़ा धड़ा अखिलेश के साथ ही है वहीं सपा के पुराने नेता शिवपाल यादव और मुलायम सिंह यादव के साथ हैं। अब जब 27 अगस्त को लालू यादव ने रैली का आयोजन विपक्षी एकता कायम करने के लिए किया है तो इसमें अखिलेश यादव इस अवसर को छोड़ना नहीं चाहते। अगर सपा, बसपा एक ही मंच पर आ गए तो तय है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अलग समीकरण पर होंगे। sp will alliance bsp