चीनी सामानों का बहिष्कार करें मोदी





उत्तर कोरिया की राजधानी सियोल में जो आज एनएसजी मामले में फैसला होने जा रहा उसकी शुरुआत 2008 में ही हो गई थी। उस समय भी चीन पाकिस्तान का राग अलाप रहा था लेकिन उस समय चीन की ऐसी ताकत नहीं थी जैसी आज है। उस समय अंत समय में चीन ने भारत का साथ दिया लेकिन इन सात सालों में आखिर ऐसा क्या हुआ जिसके कारण पेइचिंग दिल्ली का दुश्मन बन गया। Stop Buying China Products

ये सही है की आज का चीन पहले से बहुत ताकतवर है लेकिन उसके इस खेल से एनएसजी मेंबर के ग्रुप में कोई फुट नहीं पड़ने वाला है चीन जो बार बार ये कह रहा है की इसमें पाकिस्तान को भी रहना चाहिए तो इस बात से यही साबित होता है की जींपीं अपनी अतुलनीय ताकत के कारण अपनी ओछी राजनीति का जो प्रदर्शन कर रहा है उससे वो एक मुर्ख शासक ही माना जाएगा क्योंकि पाकिस्तान तो उसमे है ही भारत कभी किसी का विरोध नहीं किया। Stop Buying China Products

तलाक….तलाक ….तलाक

क्या चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ये नहीं जानते हैं की एम यू खान यानी पाकिस्तान ने न्यूक्लियर मामले में क्या किया है। नार्थ कोरिया में न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने के मामले में चीन और पाकिस्तान दोनों घिरे हुए है। पाकिस्तान में चीन जो परमाणु रिएक्टर लगा रहा है उसमे वो सर्वे -सर्वा खुद बनना चाहता है। ये सच है की आज के अमेरिका से चीन कभी भी दो – दो हाथ कर सकता है दक्षिण चीन सागर में भारत और अमेरिका साथ साथ खड़े हो सकते हैं। Stop Buying China Products

ये बात भी सच है की एनएसजी के कुछ सदस्य ऐसे देशों के खिलाफ हैं जो एनपीटी में सदस्य बने बगैर एनएसजी का सदस्य बनना चाहते हैं। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है की भारत की भी अब वो दशा नहीं है जो 2008 में था। Stop Buying China Products

आज मोदी जैसे कद्दावर नेता और अंतर्राष्टीय बाजार को हरेक क्षेत्र में एफडीआई देकर चीन को ये आगाह कर दिया है जो खेल शुरू से चीन हमारे साथ खेल रहा है यानाि पीठ पर छुड़ा घोपने का जो काम वो बार बार करते आया है उसपर शीघ्र रोक लगाए नहीं तो परिणाम उन्हें कई क्षेत्रों में चुकाने होंगे। Stop Buying China Products

चीन भी बहुमत से अलग नहीं होना चाह रहा है सियोल में भारत का एनएसजी के मामले में विरोध करता है तो अधिकतर एनएसजी सदस्यों का कोपभाजन होना पड़ेगा।जिस  पाकिस्तान को आज वह न्यूक्लियर पावर दे रहा है दूसरी तरफ चीन में मुसलमानों को रोजा रखने और अजान देने से रोक लगाता है उससे सारी दुनिया के बुद्धिजीवी आशचर्य चकित है। चीन के आगे होने के कारण स्विट्जरलैंड जैसे देश भारत के खिलाफ आसानी से मतदान क़र सकेंगे क्योकि इसमें उनका अपना वयक्तिगत हित छुपा है। Stop Buying China Products

काले धन चुरा कर अपने अपने बैंकों में रखने वाले इन देशों की पोल खुलनी ही चाहिए। जो काला धन विदेश में है वो किसका है ,जो यहां राज करता था यानि अधिकतर कॉंग्रेसी आकाओं का है इसमें विदेशों के साथ साथ कुछ देसी गद्दारों के होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। आखिर राहुल गांधी का अभी विदेश जाने का क्या मतलब है? अभी वो कहाँ हैं और और कौन सा खेल खेल रहे हैं ? इसे भला कौन जानता है ? राहुल गांधी विदेशों में अपनी आंतरिक शक्ति का पोल खोल रहा है।  Stop Buying China Products

मोदी सरकार को चीनी सामनों का पूर्णतः वहिष्कार करना चाहिएStop Buying China Products

वो आठ देश जो काला धन अपने यहाँ रखा है इस बात को अच्छी तरह जानते हैं क़ि कल तक उस देश का मालिक तो यही था और आगे भी ये हो सकता है। इसलिए चीन का ये गेम सफल हो सकता है क्योंकि अब उनके साथ कुछ और काला धन रखने वाला देश भी खड़ा है । ऐसे में मोदी सरकार को चीनी सामनों का पूर्णतः वहिष्कार करना चाहिए ।  Stop Buying China Products

जिस तरह गांधी जी ने स्वदेशी आंदोलन चलाकर अंग्रेजों की आर्थिक कमर तोड़ दी वैसे ही चीनी उत्त्पादों का बहिष्कार करके भारत उसका आर्थिक कमर तोड़ देना चाहिए। ऐसा करने से सांप भी मर जाएगा और लाठी भी नहीं टूटेगी। सीधी सी बात है चीनी अर्थ व्यवस्था भारतीय बाजार पर सबसे अधिक निर्भर करता है। कहने का मतलब हम से वो है उनसे हम नहीं, काले धन वाले भेड़ियों का हमको कोई गम नहीं। Stop Buying China Products
( हरि शंकर तिवारी )