तमिलनाडु में भी गूंजा पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा tamilnadu-election-voting-day





प्रवीण कुमार, आज 16 मई है और आज का दिन मोदी सरकार के लिए खास है क्योंकि आज मोदी सरकार का स्थापना दिवस है और आज ही कांग्रेस की बरसी का दूसरा साल है। वैसे तो बीजेपी के खेमे में जश्न का माहौल तो कांग्रेस में मातम का माहौल है। किन्तु इससे भी अधिक बेचैनी तो पांच राज्यों में होने वाले चुनावो में शामिल पार्टी के उम्मीदवारों को है। आज तमिलनाडु, केरल और पांडुचेरी में विधान सभा चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे है और आज इन सबका भविष्य वोटिंग मशीन के पिटारे में बंद हो जायेगा। tamilnadu-election-voting-day

19 मई को यह पिटारा खुलेगा और उस दिन ये पिटारा किसी को राजा तो किसी को भिखारी बनाएगा। जी हां लोकतंत्र में यही तो होता आया है। सत्ता है तो आप राजा हुए, नहीं तो प्रजा। जी हां, तमिलनाडु में दो दिन पूर्व 570 करोड़ रूपये से भरे तीन कंटेनर को चुनाव आयोग ने जब्त किया। एक और जंहा जयललिता ने अपने नॉमिनेशन में कुल सम्पत्ति 116 करोड़ 56 लाख बताया, वही करूणानिधि ने करीबन 60 करोड़ 65 लाख बताया। इससे पता चलता है कि सत्ता में रहने से कितनी कमाई होती है।

कई चुनावी उम्मीदवार तो चुनाव के समय मतदाताओं को लुभाने के लिए कुछ इस तरह का प्रलोभन दे रहे थे। tamilnadu-election-voting-day

मुफ्त में टीवी, फ्रीज, वाशिंग मशीन, लैपटॉप, कंप्यूटर ग्राइंडर, स्मार्ट फोन विथ 3जी, 4जी ले लो। अपने बेटे के लिए सरकारी जॉब की गारंटी और कुंवारी बेटी के लिए 1 किलो सोना ले लो। ये उम्मीदवार ये सभी चीज़े मुफ्त में देने गारंटी दे रहे है किन्तु जब बात आती है भोजन की तो यह उम्मीदवार अपने भाषण में थोड़ा सा बदलाव करते थे जैसे सस्ते में चावल, गेंहू  ले लो।

नेता जी के पास इन सबके लिए पैसे कहा से आएंगे तो नेता जी का कहना है कि आम खाओ, पेड़ को क्यों गिन रहे हो ? आखिर हम आपके शुभचिंतक है।

पर नेता जी सोचने वाली ये बात है कि जब आप इतना कुछ मुफ्त में दे सकते है तो आप कितना कमाते होंगे ? अगली बार सरकार बनेगी तो ये और कमाएंगे। लोकतंत्र है, जिसका मतलब ही है!

 आप भी खाओ, मुझे भी खिलाओ ! tamilnadu-election-voting-day

आप भी जियो और मुझे भी जीने दो !

जनाब आप सोचते है ऐसा नाजरा केवल हिंदुस्तान में होता है तो आप बिलकुल गलत है। दुनिया के हर एक देश में जंहा लोकतंत्र है। वहां ये रूल अप्लाई होती है। अपने पडोसी मुल्क पाकिस्तान में भी यही माजरा है। पाकिस्तान में लोकतंत्र है और वर्तमान में लोकतान्त्रिक सरकार है। हालांकि, दो साल बाद पाकिस्तान में चुनाव है लेकिन अभी से कुछ इस तरह का माहौल पाकिस्तान में सक्रिय है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ विपक्षी के उम्मीदवारों को रिझाने के लिए इस तरह के प्रलोभन दे रहे है। tamilnadu-election-voting-day

तुम्हे कौन सा विभाग चाहिए, उड्डयन ठीक है तो तुम बन्नो एयरपोर्ट ले लो।

विपक्ष पूछती है पनामा पेपर्स जाँच किस स्तर पर पहुंची है तो नवाज शरीफ कहते है अच्छा आपको इस्लामाबाद का विकास करना है। ठीक है 10 करोड़ ले लो। इस पर विपक्ष पूछती है कि इतने पैसे आप कहा से लाएंगे जबकि आप 500मिलियन डॉलर्स के लोन किश्त को पे करने के लिए अमेरिका के चक़्कर लगा रहे है तो नवाज शरीफ का बयान भी लोकतान्त्रिक देश के उम्मीदवार जैसा देते है। tamilnadu-election-voting-day

आम खाओ, पेड़ को मत गिनो!

अगली बार कमा लेंगे आप नागरिकों के विकास के लिए हर संभव प्रयास करें। हां, अब आप गवार जैसे बेहूदा सवाल नहीं पूछेंगे। अब आप सब  जोर से नारा लगाओ

लोकतंत्र जिंदाबाद !

पनामा पेपर्स में हमारा नाम जोड़ने वाले की हाय-हाय।

देश की जनता जिंदाबाद-जिंदाबाद !

नवाज साहब कब तक इन और आउट के फेर में कभी विदेश तो देश में रहेंगे। लोकतंत्र का गला घोटने से अच्छा है राजनीति से सन्यास ले लीजिए।

भारत में भी इसी तरह से कई राजनेता रोडपति से अरबपति बने है। खासकर तमिलनाडु में तो इसी रणनीति के तहत करूणानिधि और जयललिता ने राज्य को लुटा है। तमिलनाडु की जनता तीसरी पार्टी को चुनना नहीं चाहती है क्योंकि वो तुम भी खाओ, हमे भी खाने दो पद्धति को अपनाते है। ऐसे में जनता है बेहाल और राजनेता होते है मालामाल क्योंकि सरकार बनने के बाद उम्मीदवार अगले पांच साल तक जनता के परछाई से कोसो दूर रहते है।  तमिलनाडु में भी गूंजा पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा tamilnadu-election-voting-day