बढ़ता ही जा रहा है तीन तलाक़ पर महिलाओ का उत्पीड़न




तीन तलाक जैसे कुरितियों को खत्म करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत हैं इसके लिए उच्चतम न्यायालय ने बिना रूके दोनों पक्षों की सुनवाई भी की। आज भी तीन तलाक के विरोध करने वाली महिलाओं को धमकियां मिल रही है।तीन तलाक को खत्म करने के लिए सरकार ही नहीं कई समाजिक संगठन आगे आई हैं वहीं कई मुस्लिम महिलाएं भी इसका विरोध करने के लिए सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी बातें रखी हैं लेकिन अब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। teen talaq

महिलाओं में इतना खौफ बन गया है कि वे अपनी असली नाम भी नहीं बता रही हैं। गौरतलब है कि छोटी छोटी बातों को लेकर इस महिला को अपने ससुराल में ताने सुनने पड़ते थे यहां तक कि उसके साथ मारपीट भी की गई। बाद में गर्भपात भी कराया गया और बाद में उसे मैयके भेज दिया गया और उसे फोन के मैसेज से ही तलाक भेज दिया गया। इसके बाद से ही यह महिला लगातार संस्था के साथ जुड़ कर तीन तलाक का विरोध किया। जब यह महिला और इसका भाई मस्जिद गए तो वहां भी मौलाना से खरी खोटी सुननी पड़ी यहां तक कि माफी मांगने को कहा गया। महिलाओं में खौफ बैठ गया। teen talaq

 



अल्लाह ने हूर( औरत) को केवल निकाह, हलाला और तीन तलाक के लिए बनाया है : मुस्लिम पर्सनल लॉ

ऐसे ही दूसरी महिला हैं जिसकी शादी के दो साल बाद उसके बच्चे के साथ तलाक दे दिया गया। जिसके बाद वह मुस्लिम सत्यशोधक मंडल द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने भी तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाई जिसे लेकर मौलवियों को नहीं पचा और उसके घर पहुंचकर माफी नामा लिखने को कहा। अब जबकि उच्चतम न्यायालय में तीन तलाके मुद्दे पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। अब उच्चतम न्यायालय के फैसले का सबको इंतजार है क्योंकि मुस्लिम महिलाओं की स्थिति खराब होती जा रही है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने महिलाओं द्वारा उठाए गए कदम को भी विरोध कर रहा है। लेकिन महिलाओं को तो इंसाफ आखिर कैसे मिलेगा। इसके लिए उच्चतम न्यायालय के फैसले आने तक तो इंतजार करना होगा। teen talaq

 

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