तीन तलाक प्रतिबंध vs मुस्लिम लॉ बोर्ड




तीन तलाक का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा है जहां सूचना व प्रसारण मंत्री ने इसे खत्म करने के लिए मुस्लिम संगठन से आगे आने को कहा है वहीं सपा के वरिष्ठ नेता ने खुद के गिरवांन में झांकने को कहा है। तीन तलाक के मानदंडों को समाप्त करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वैंकेया नायडू ने कहा है कि मुस्लिमों के बीच इसे खत्म करने के लिए संगठनों को आगे आना चाहिए। teen tlaq vs muslim law board 

शरिया के नियम के अनुसार ही तलाक का कानून जारी रहेगा

इसपर तीखे तेवर अपनाने हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने कहा कि भाजपा को ही शरीयत में शामिल होना चाहिए। भाजपा केवल ऐसे मुद्दे में उलझा रही है। उसे देश के अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रीत करने की जरूरत है। teen tlaq vs muslim law board 

अन्य धर्म में तलाक की दर बहुत ज्यादा है

आजम खान ने कहा है कि भाजपा नेता अपनी छिपी हुई इच्छाओं को बाहर निकाल रही है। अगर निश्चिततौर पर शरीयत इतना असर डाल रही है तो उसे इसमें शामिल हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जो बेवजह इस मुद्दे को उठा रही है। दरअसल भाजपा ऐसे मसले को उठाकर राजनीति कर रही है। teen tlaq vs muslim law board 

मुस्लमान बहनों की चिंता करने वाले जरा अपने गिरेबान में भी झांक लो : जिलानी

ताकि लोगों का अन्य मुद्दों से ध्यान हटा रहे। आजम खान ने कहा कि अभी छह राज्यों में सूचना के अधिकार के तहत तलाक पर जो सर्वे आया है उससे साफ हो गया है कि मुसलमानों में तलाक अन्य धर्मों के वनिस्पत कम हो रहे हैं। जबकि अन्य किसी भी धर्म में तलाक की दर बहुत ज्यादा है। लेकिन मुस्लिम समुदाय को तीन तलाक क माध्यम से घेरा जा रहा है। teen tlaq vs muslim law board 

साफ तौर पर मंशा दिख रही है। गौरतलब है कि अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुस्लिम समाज के लोगों से आग्रह किया है कि वह आगे आए और इस तरह की सामाजिक बुराइयों को खत्म करें। जबकि मुस्लिम संगठनों का कहना है कि शरिया के नियम के अनुसार ही तलाक का कानून जारी रहेगा। teen tlaq vs muslim law board