मैंने तो केवल 5 झुग्गी तुड़वाई है मोदी ने तो पूरा गुजरात जला दिया था : तेज़ प्रताप यादव




ज्योतिष का सहारा लालू प्रसाद चारा घोटाला में फंसने के बाद लेते रहे हैं। अब जबकि उनके पुत्र का नाम जमीन घोटाला में आ गया है उन्होंने भी उसी रास्ते को अपनाया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े पुत्र व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव इन दिनों ज्योतिष के चक्कर में फंस गए हैं। जबसे उनपर जमीन घोटाले का आरोप लगा है, वे किसी तरह से ऐसे आरोपों से निकलने के लिए लगातार ज्योतिषों के संपर्क में हैं। tez pratap demolished jhuggi 

मांसाहार छोड़कर शाकाहारी हो गए

इसी कारण से उन्होंने अपने आधिकारिक घर के दरवाजे तक को बदल दिया है और आने जाने का रास्ता ज्योतिष अनुसार पीछे का चुना है। जिससे वहां झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि तेज प्रताप ने 3 देशरत्न मार्ग स्थित अपने निवास का मेन गेट बंद करा दिया है और एक छोटा सा रास्ता जो एक झुग्गी से गुजरता उससे आवागमन कर रहे हैं। tez pratap demolished jhuggi 

दरअसल यह सब ज्योतिष अचलेश लंदन के सलाह पर किया गया है। जिसने यह समझाया है कि दक्षिण का दरवाजा यम की दिशा होती है यानी मौत का दरवाजा। वहीं उत्तर की दिशा को कुबेर की दिशा कहा गया है। जिस दरवाजे को इन्होंने चुना है इससे झुग्गी वासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब उनके बच्चे झुग्गी के बाहर निकल भी नहीं सकते हैं। क्योंकि मंत्री का काफिला काफी बड़ा होता है जिससे यहां के निवासियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। tez pratap demolished jhuggi 

लालू प्रसाद चारे घाटाले में फंसने के बाद ज्योतिष का सहारा लिया था

दरअसल तेज प्रताप ज्योतिष का सहारा इसलिए ले रहे हैं कि क्योंकि वे जमीन घोटाले में उनका नाम आया है। जिससे बचने के लिए तंत्र मंत्र का भी सहारा लिया जा रहा है। यह कोई पहली बार नहीं है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद चारे घाटाले में फंसने के बाद ज्योतिष का सहारा लिया था और मांसाहार छोड़कर शाकाहारी हो गए। और वास्तु के अनुसार अपने घर को ठीक करवाया। tez pratap demolished jhuggi

मोदी भगवान् नहीं है जो हम उनकी हर बात को माने : अरुप बिसवास

तेज प्रताप भी वास्तु का सहारा लेकर शायद अपनी राजनीतिक जीवन पर लगे दाग को बचा पाएं। वैसे नीतीश कुमार भी मुख्यमंत्री पद गंवा देने के बाद ज्योतिष वास्तु का सहारा लिया था जिसमें वे 7 नबंर के बांगला में, 7 आदमियों के साथ ठीक शाम 7 बजे प्रवेश किए। उसके बाद ही उन्हें फिर से बिहार की मुख्यमंत्री की गद्दी मिल गई। मुख्यमंत्री निवास स्थान में जाने के लिए महीनों इंतजार किया। tez pratap demolished jhuggi