तीन तालाक पर बैन लगा तो बीजेपी को विधवा कर दूंगा : मुफ़्ती।




देश में कई ऐसे कानून हैं जिसको लेकर अभी पेचिदिगियां हैं। हर धर्म के अपने अपने नियम हैं जिसपर सरकार की भी नहीं चलती। तीन तलाक के मुद्दे पर देश में राजनीति गरमाई हुई है। यह मुद्दा साल भर पहले से देश में तैर रहा है। जब सरकार ने एक सर्वे के लिए मुस्लिम संगठनों में प्रश्न भेजा था। दरअसल भाजपा समान नागरिक संहिता यानी यूनिवर्सल सिविल कोड की पैरोकार है। मुस्लिम पर्सनल लॉ इसके लिए राजी नहीं है। tin talaq par babal 

मुस्लिम संगठन एकजुट हैं

इस समुदाय में केवल तीन बार तलाक कह देने भर से तलाक हो जाता है। जिसके लिए विवाद उठते ही रहता है। सरकार यह कोशिश कर रही है कि इसको बैन कर दिया जाए। मुस्लिम पर्सनल बोर्ड को लगता है कि सरकार उसके अधिकारों में हस्तक्षेप कर रही है। जिसके लिए वह तैयार नहीं है। मुस्लिम संगठन का कहना है कि तलाक जैसे मुद्दे मुस्लिमों में कम होती है इससे ज्यादा तो हिंदुओं में हुआ है जिसके लिए वे आंकड़ें भी देते हैं। अगर नियम है तो केवल संयम के लिए हैं। अगर इसे बदलना ही होगा तो मुस्लिम पर्सनल बोर्ड इसे तय करेगा। tin talaq par babal 

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सरकार ने एक सर्वे मुस्लिम समुदाय में भेजा था जिसको लेकर भी समुदाय ने आपत्ति जताई थी क्योंकि इसमें ऐसे ही प्रश्न थे जिसको लेकर बोर्ड पहले से ही तैयार नहीं होता है। यहां तक कि मुस्लिम संगठनों ने इस सर्वे का पूरजोर तरीके से विरोध किया और कोई जवाब नहीं दिया। तीन तलाक के मुद्दे पर जितने भी मुस्लिम संगठन हैं सभी में एकजुटता है कोई भी इसमें बदलाव नहीं चाहता। मुस्लिम संस्था में महिलाएं भी सदस्य हैं जिनका भी उन्हें समर्थन हासिल है। बोर्ड को लगता है कि अगर एक बदलाव हुए तो कई ऐसे मुद्दे हैं जिसपर सरकार बदलाव करेगी और हमारे धर्म से छेड़छाड़ कर सकती है। इसलिए ऐसे मुद्दे पर मुस्लिम संगठन एकजुट हैं। tin talaq par babal