तीन तलाक पर बैन लगने के बाद मुस्लिम नेताओं की बोलती बंद हो जाएगी: तस्लीमा नसरीन




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन तलाक खत्म करने के प्रयास का साथ मशहूर लेखिया तस्लीमा नसरीन द्वारा मिला है। कई मुस्लिम राष्ट्र इस सामाजिक बुराई को पहले ही खत्म कर चुके हैं। मशहूर लेखिका तस्लीम नसरीन ने साफ तौर पर कहा है कि भारत के पूर्ववर्ती सरकार केवल राजनीति के तुष्टीकरण के कारण तीन तलाक जैसे सामाजिक बुराई को खत्म नहीं किया। इसे तुरंत खत्म किया जाना चाहिए। triple talaq ban 

समान नागरिक संहिता

जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयास किया है वह सराहनीय कदम है। तस्लीमा नसरीन ने कहा है कि कई मुस्लिम राष्ट्र इस सामाजिक बुराई को खत्म कर दिया है जिसमें बांग्लादेश, पाकिस्तान, तुर्की, इराक, ट्यूनीशिया, इंडोनेशिया और मिस्त्र जैसे देश शामिल हैं। तो भारत में क्यों नहीं इसे समाप्त किया जा सकता। triple talaq ban 

तस्लीमा नसरीन ने इस सामाजिक बुराई के लिए मौलवी व मुल्ला को जिम्मेवार ठहराया है जो खुद समुदाय के प्रतिनिधि बन गए हैं। यह सब मध्यकालीन सोच का नतीजा है इस तरह की सामाजिक बुराई का ही नतीजा है कि मुस्लिम समाज आज सबसे पिछड़ा है। तस्लीमा ने कहा है कि अगर तीन तलाक इस्लाम का अभिन्न हिस्सा है तो भी इसे खत्म कर देना चाहिए। क्योंकि इसमें मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक बोलकर अपने पति से अलग होने का अधिकार नहीं है। triple talaq ban 

मुस्लिम संगठन

इस तरह के प्रावधान किसी भी धर्म का अहम हिस्सा नहीं हो सकता। तस्लीमा नसरीन ने कहा है कि जिस प्रकार से ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कट्ठरपंथी मुसलमानों का संगठन है और वह तीन तलाक, बाल विवाह का समर्थन करता है वहीं समलैंगिक संबंधों का विरोध करता है। इस संगठन को ही खत्म कर देना चाहिए। triple talaq ban 

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सरकार ने समान नागरिक संहिता को लागू करने का प्रयास किया है यह सराहनीय कदम है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए प्रयास उचित कदम है। समान नागरिक संहिता लागू होने से मुस्लिम महिलाओं भी अपने मौलिक अधिकार का उपयोग कर सकेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार से समाजिक बुराई को दूर करने के लिए मुस्लिम संगठन को साथ आने को कहा है इसके लिए उनकी प्रशंसा की जानी चाहिए। triple talaq ban