यूपी में राज्यपाल बने ट्रैफिक कंट्रोलर और पेड़ हटवाने पर मजबूर





उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ऐसा माजरा देखने को मिला वैसा पहले कभी देखने को नहीं मिला था। ट्रैफिक अनियंत्रित देख प्रदेश के राज्यपाल खुद नियंत्रण करने के लिए बाहर आ गए।उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक सदा ही बेहतर कामकाज के लिए जाने जाते हैं। प्रदेश में जब कभी भी राजभवन की जरूरत होती है महामहिम रामनाईक सदा ही आगे आकर कार्य करने के लिए जाने जाते रहे हैं। लखनऊ में ऐसा ही नजारा एक बार फिर देखने को मिला जब राज्यपाल खुद यातायात व्यवस्थित करने के लिए सीधे सड़क पर आ गए। दरअसल राजभवन की बाउंड्री के अंदर सेमर का पुराना पेड़ लगा था, जो तेज हवा की चपेट में आ गया और रोड पर ही गिर गया। जिससे यातायात बाधित होने लगा और हजरतगंज से बंदरियाबाग रोड पर भीषण जाम लग गया। राज्यपाल को जब पता चला कि राज्यभवन में लगे पेड़ के गिरने से जाम लगा है तो वे अपने आप को रोक नहीं सके और खुद यातायात को सामान्य करने के लिए निकल पड़े। uttar pradesh ke rajaypal bane traffic controller

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राज्यपाल ने एएसपी ट्रैपिक को तत्काल डायवर्जन कर राहगिरों को राहत देने और संबंधित विभाग को पेड़ जल्दी हटवाने के निर्देश दिए। और जब तक यातायात सामान्य नहीं हुआ वे अपने निर्देश भी देते दिखे। हालांकि इसके बाद घंटेभर में ही पेड़ हटाकर यातायात को सामान्य कर दिया गया। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली वहीं महामहिम ने ट्रैफिक विभाग कि भी किरकिरी होने से बचा लिया। गौरतलब है कि यह कोई पहली बार नहीं है कि राज्यपाल राम नाइक प्रदेश में ऐसी अपनी सजगता दिखाई है जब भी कोई प्रदेश में आम आदमी से संबंधित समस्या आती है तो महामहिम आगे आते रहे हैं। पिछले सपा सरकार में भी कई बार आम जनता से संबंधित समस्या सीधे राज्यपाल के आती रही है जिसे वे अपने निर्देश से निपटारा करते रहे हैं। महामहिम रामनाईक के कार्यों की प्रशंसा उस समय भी खूब होती रही है जब वे देश के अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में पेट्रोलियम मंत्री हुआ करते थे। uttar pradesh ke rajaypal bane traffic controller  



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