कांग्रेस के लिए शक्ति परीक्षण बाएं हाथ का खेल है : हरीश रावत




पहाड़ों की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक आई। राजनीति के बदलते घटना क्रम में उत्तराखंड के सियासी जंग को शायद आज विराम मिल सकता है क्योंकि आज सुप्रीम कोर्ट के उपस्तथि में कांग्रेस अपनी सरकार बचाने के लिए शक्ति परीक्षण से गुजरेगी। मार्च महीने से उत्तराखंड राजनीति में हलचल मची है। जब कांग्रेस के ९ विधयक बागी हो गए। जिस कारण राजनीति संकट पैदा हो गई। uttarakhand floor test

9 विधायकों के बिना उत्तराखंड विधान सभा के स्पीकर ने विनयोग विधयेक को पास कर दिया था जबकि इसके विरोध में 36 वोट पड़े थे और इसे पास होने के लिए 35 विधायकों का समर्थन चाहिए था। उत्तराखंड विधान सभा के स्पीकर के इस मनमानी के लिए, बीजेपी सहित अन्य बागी विधायकों ने राजयपाल के के पॉल को उत्तराखंड विधान सभा में हो रही मनमानी से अवगत कराया, मांग की तत्काल उत्तराखंड सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। मुद्दों को गम्भीरता से लेते हुए राज्यपाल के के पॉल ने राष्ट्रपति से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागु करने की मांग की। uttarakhand floor test

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जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया और जब उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बर्खास्त हो गई तो कांग्रेस ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी कि राज्य में जबरदस्ती राष्ट्रपति शाशन लगाया गया है। जिस पर सुनवाई करते हुए उत्तराखंड हाई कोर्ट ने राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय कर दिया । uttarakhand floor test




उत्तराखंड हाई कोर्ट के फैसले को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जिस पर करवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पुनः राज्य में राष्ट्रपति शासन लागु कर दिया और दोनों पार्टी को सुप्रीम कोर्ट के उपस्थिति में शक्ति परिक्षण करने का आदेश दिया। उत्तराखंड के 9 बागी विधयाको ने भी सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया। uttarakhand floor test

अब समीकरण यह है की आज कांग्रेस को शक्ति परीक्षण से गुजरना है और कांग्रेस के पास 27 सीट है जबकि बीजेपी के पास 28 सीट है जबकि अन्य 6 सीट है, जो उत्तराखंड के राजनीति का तुरुप का एक्का हो सकता है। uttarakhand floor test

यदि कांग्रेस को 6 अन्य विधायकों में से 5 ने समर्थन कर दिया तो कांग्रेस शक्ति परिक्षण में अपनी सरकार बचाने में कामयाब हो जाएगी और यदि ऐसा नहीं हुआ तो स्प्ष्ठ है की उत्तराखंड में सियासी राजनीति कुछ और दिन तक के लिए बढ़ जाएगी और बीजेपी को फ्लोर टेस्ट का मौका मिलेगा। uttarakhand floor test

समीकरण के अनुसार 61 सीट में बहुमत साबित करने के लिए 32 सीट की आवशयकता है और बीजेपी को 4 सीट की जरूरत है और जब बीजेपी को फ्लोर टेस्ट का निमत्रण दिया जायेगा तो सम्भावना यह है कि बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब हो जाएगी। वैसे चंद घंटो में उत्तराखंड राजनीति का समीकरण सार्वजनिक हो जाएगा। uttarakhand floor test

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