जानिए अटल बिहारी को अग्नि देने वाली उनकी बेटी कौन है




सदी के महान राजनेता और लोकतान्त्रिक देश के शांति दूत पूर्व पीएम अटल जी कल देर शाम पंचतत्व में विलीन हो गए.अटल जी के अंतिम संस्कार का साक्षी न केवल भारत बल्कि पूरा विश्व बना .सार्क देशों सहित पुरे विश्व के नेताओं ने अटल जी को अंतिम श्र्द्धांजलि दी . हालाँकि सभी की नजरें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद अटल जी की मुँहबोली बेटी पर थी जिसे अटल जी ने गोद लिया था और उन्होंने ही अटल जी को मुखाग्नि दी . vajpayee daughter history

जिनका नाम नमिता भट्टाचार्य है जो रंजन भट्टाचार्य की पत्नी है . 70 के दशक में अटल जी ने राजकुमारी कौल की बेटी नमिता को गोद लिया था . उस समय से नमिता अटल जी के साथ उनके आवास पर रहने लगी. vajpayee daughter history

अटल जी ने अंतिम साँसे ली नमिता फूटफूट कर रोने लगीं . vajpayee daughter history

राजकुमारी कौल की एक और बेटी है जिनका नाम नम्रता है जो पेशे से डॉक्टर है और लम्बे समय से अमेरिका में रह रहीं है . नमिता अपनी बेटी निहारिका और पति रंजन के साथ अटल जी के निवास पर रह रही हैं .जब अटल जी बीमार हुए तो नमिता हमेशा उनके साथ रहती थी. जिस समय अटल जी ने अंतिम सांस ली उस समय भी नमिता अटल जी के समक्ष थी और जैसे ही अटल जी ने अंतिम साँसे ली नमिता फूटफूट कर रोने लगीं . vajpayee daughter history

अटल जी के शासन में रंजन ओएसडी पर कार्यरत थे . vajpayee daughter history

वहीँ नमिता के पति रंजन के माता पिता नहीं थे इसलिए वे अटल जी को बाप जी कहकर बुलाते थे . नमिता की रंजन से 24 वर्ष की आयु में मुलाकात हुई थी और दोनों एक दूसरे को चाहने लगे .इसके बाद उन्होंने अटल जी से अनुमति और सहमति के बाद शादी की जिससे उनकी एक बेटी निहारिका हुई जो अटल जी की नतनी कहलाई. vajpayee daughter history

रंजन दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से इकोनॉमिक में ओनर्स ग्रेजुएट है .इसके बाद उन्होंने ओबेराय ट्रेनी ज्वाइन की और श्रीनगर में ओबेराय पैलेस में मैनेजर अप्पोइंट हुए. अटल जी के शासन में रंजन ओएसडी पर कार्यरत थे . vajpayee daughter history

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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कुलदीप नैयर ने टेलीग्राफ में राजकुमारी कौल की तारीफ करते हुए लिखा था कौल अटल जी की सब कुछ थी. जिस तरह कौल ने अटल जी की सेवा की कोई और नहीं करता . राजकुमारी कौल ने मई 2014 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया .उनके अंतिम संस्कार में आडवाणी जी राजनाथ सिंह और सोनिया गाँधी शामिल हुए थे लेकिन अटल जी बीमार होने के कारण मजबूर और विवश होकर रह गए और कौल को श्र्द्धांजलि नहीं दे पाए. एक युग पुरुष और सदी के महान राजनेता को शत शत नमन. vajpayee daughter history

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