विनोद खन्ना को भावभीनी श्रद्धांजलि




विनोद खन्ना ने अभिनय की शुरुआत 1968 में फिल्म मन की मीत से की। उनके प्रसिद्ध फिल्मों में मेरा गांव मेरा देश, इम्तिहान, इनकार, अमर अकबर एंथनी, लहू के दो रंग, कुर्बानी, दयावान,जुर्म और मेरे अपने हैं। दिलवाले में शाहरुख खान के साथ भी वे नजर आए। विनोद खन्ना का आखिरी फिल्म हेमा मालिनी के साथ एक थी रानी ऐसी भी है। अभिनेता से राजनेता बने विनोद खन्ना को भावभीनी श्रद्धांजलि vinod khana passed away 

बेटी है जिनका नाम श्रद्धा खन्ना है

विनोद खन्ना जब सुपर स्टार अमिताभ बच्चन को टक्कर दे रहे थे उसी समय वे ओशो के आश्रम में चले गए। जब वहां से लौटे तो पुनः कई हिट फिल्में दी। विनोद खन्ना का जन्म 1946 में अविभाजित भारत के पेशावर में हुआ था। विनोद खन्ना 1971 में पहला सोलो फिल्म हम तुम और वो मिली जिसमें उन्होंने स्टारडम में अपनी पहचान बनाई। गुलजार के मेरे अपने में शत्रुध्न सिन्हा के अपोजिट रोल निभाए जिसको आज भी लोग याद करते हैं। अभिनेता से राजनेता बने विनोद खन्ना को भावभीनी श्रद्धांजलि  vinod khana passed away 

वहीं अमिताभ बच्चन के साथ उन्होंने हेराफेरी, खून पसीना, अमर अकबर एंथनी, मुकद्दर का सिकंदर में जबरदस्त अभिनय किया। जिसे आज भी लोग याद करते हैं। विनोद खन्ना लगातार अभिनेताओं को इंस्पायर करती रही हैं। विनोद खन्ना 1997 में भाजपा में शामिल हुए थे और गुरदासपुर सीट से चार बार सांसद रहे। vinod khana passed away 

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अटल सरकार में वे 2002 में वे केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री रहे। इसके बाद विनोद खन्ना को विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री का भी दायित्व सौंपा गया। विनोद खन्ना ने दो शादिया की। उनकी पहली पत्नी गीतांजलि थी जिनसे तलाक हो गया था। उसके बाद उन्होंने कविता से दूसरी शादी की। उनके तीन बेटे अक्षय खन्ना, राहुल खन्ना और साक्षी खन्ना हैं। उनकी एक बेटी है जिनका नाम श्रद्धा खन्ना है। vinod khana passed away