यदि मैं मुख़्यमंत्री बना तो आजम खान को पाकिस्तान में रहना पड़ेगा : योगीनाथ





प्रवीण कुमार, 19 मई को बीते केवल एक सप्ताह हुआ है किन्तु 19 मई के बाद भारतीय राजनीति में विशेष बदलाव आया है। यूं कह सकते है कि भारतीय राजनीति में हलचल सी मच गई है। एक तरफ जंहा कांग्रेस का सफाया हुआ है तो दूसरी तरफ बीजेपी का जनादेश फैला है। ऐसे में अब सभी राजनितिक पार्टियों की निगाह यूपी चुनाव पर है। जो अगले वर्ष होने वाला है। हालांकि, यूपी के आलावा भी कई बड़े राज्यों में जैसी पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड में विधान सभा चुनाव होने वाला है। azam khan go pakistan

किन्तु सभी राजनितिक पार्टियों की निगाह केवल और केवल यूपी पर टिकी है क्योंकि यूपी प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है जिसे आप या हम मिनी पार्लियामेंट कह सकते है। यदि यूपी में बदलाव आती है तो देश में भी बदलाव आता है। शायद, आपको याद न हो तो हम बता देते है कि यूपी में बसपा की सरकार थी और 2012 के चुनाव में सपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था। ये बदलाव यूपी में दिखी। जिस कारण 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यूपी में बाजी मार ली। यदि 2017 में यूपी विधान सभा चुनाव में जनादेश सत्ता हस्तांतरित करती है तो यह आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव का ट्रेलर होगा। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टी अपने सिक्के क यूपी विधान सभा चुनाव में आजमाना चाहेगी। azam khan go pakistan

सवाल यह है कि यूपी की दो बड़ी पार्टी सपा और बसपा को छोड़ दिया जाये तो अन्य पार्टियों में किस चेहरे को मुख्यमंत्री पद के लिए खड़ा किया जाये। एक और जंहा सपा में अखिलेश सिंह मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार है। वही बसपा में बहन जी ही एक मात्र मुखौटा है जिसे बसपा मैदान में उतारना चाहेगी।

बीजेपी और कांग्रेस पार्टी के लिए द्वंद बना हुआ है कि यूपी विधान सभा चुनाव के लिए किस चेहरे को मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाया जाये। हालांकि, बीजेपी ने दिल्ली और बिहार के चुनाव से सबक लेते हुए असम में चुनावी रणनीति में फेरबदल करते हुए किसी बाहरी को मुख़्यमंत्री के लिए ना खड़ा कर सर्वानंद सोनलवल को मुख्यमंत्री पद के लिए खड़ा किया और परिणाम बीजेपी के पक्ष में रहा। बिहार और दिल्ली में बीजेपी ने स्थानीय नेता के बदले अन्य को अवसर दी थी। जिस कारण दिल्ली और बिहार में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था। जबकि जम्मू कश्मीर में बीजेपी को अप्रत्याशी वोट और समर्थन प्राप्त हुआ था। azam khan go pakistan

यूपी में बीजेपी ने फ़िलहाल मुख्यमंत्री प्रत्याशी योगीनाथ पर मुहर नहीं लगाई है। किन्तु राजनीति के गलियारे में चर्चा जोर-शोर से है कि योगीनाथ के साथ यूपी में आमचुल परिवर्तन आने वाला है। मोदी की लहर में शायद संभव है कि योगीनाथ विजय पाने में सक्षम हो। किन्तु माय समीकरण यूपी में जनादेश है और ऐसे में यह इतना आसान नहीं रहने वाला है। हिंदुत्व के दम पर बीजेपी यूपी में चुनाव फतह नहीं पायेगी। इसके लिए बीजेपी को असम और जम्मू कश्मीर जैसी रणनीति तैयार करने की जरुरत है। जो न केवल बीजेपी को यूपी पूर्ण बहुमत दिलाये बल्कि यूपी का आगामी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हो।
वही कांग्रेस अपनी सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। azam khan go pakistan

या यूं कहे कि कांग्रेस पार्टी की नैया ही डूब गई है। इस परस्थिति में कांग्रेस के लिए कोई चमत्कार ही भारतीय राजनीति में वापस ला सकती है। प्रशांत किशोर का मानना है कि कांग्रेस को यदि राजनीति में पुनः वापस आना है तो यूपी में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी को हाईलाइट में आना होगा, प्रशांत किशोर की माने तो राहुल गांधी या प्रियंका गांधी को यूपी विधान सभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी होना चाहिए। किन्तु कांग्रेस की बला अभी टला नहीं है। इसलिए कांग्रेस का यूपी में आने की कम उम्मीद है। 1989 से कांग्रेस सहयोग पार्टी के दायित्व को निभा रही है। आशंका है कि अगले चुनाव के परिणाम के पश्चात कांग्रेस पार्टी को यही दायित्व मिले। azam khan go pakistan