पूरी दुनिया हुई मोदी के कायल world praised indian pm nrendra modi





प्रवीण कुमार,

अपने दो वर्ष के कार्यकाल में मोदी जी ने पुरे विश्व में भारत को एक अलग पहचान दी है। जंहा कांग्रेस के शासन में भारत को विश्व पटल एक गरीब राष्ट्र के रूप में मानते थे। वही मोदी के दो साल के कार्यकाल में विश्व के देशों में होड़ मच गई है कि कौन भारत में अधिक निवेश करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के विकसित राष्ट्र को साफ़-साफ़ शब्दों में निर्देश दिया है कि भारत किसी भी राष्ट्र से आयत या व्यपार केवल एक शर्त पर करेगा कि उस का विनिर्माण भारत में मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत होगा। इसके लिए समस्त विश्व सहमत है कि वो भारत में निवेश कर वही पर विनिर्माण करेगा। इसका जीता-जागता उधारण बुलेट ट्रैन और फ्रांस के द्वारा खरीदे जाने वाले लड़ाकू विमान है। जिसका निर्माण भारत में मेक इन इंडिया योजना के तहत होने वाला है।

आइये एक नजर मोदी के विदेश नीति पर डाले ! हालंकि, अपने दो साल के कार्यकाल में मोदी जी पुरे विश्व का भर्मण किया है किन्तु हम आपको कुछ अहम कड़ी प्रस्तुत करने जा रहे है जिससे मोदी जी अपने कुशल राजनीति से विश्व पर राज करने में कामयाब हुए है। world praised indian pm nrendra modi

मोदी की बेल्जियम यात्रा
29 मार्च की रात में 12 बजे नरेंद्र मोदी बेल्जियम के लिए रवाना हुए। अगली सुबह पीएम नरेंद्र मोदी बेल्जियम की राजधानी ब्रेस्सल्स पहुंचे। वहां उन्होंने पहले यूरोपीय संघ को सम्बोधित किया। अपने सम्बोधन में मोदी जी ने यूरोपीय संघ के देशों के राजनयिकों में भारत देश की अलग पहचान बनाने में कामयाब हुए। मोदी ने साफ़ तौर पर कहा कि भारत किसी देश का हिमायती नहीं है। भारत विश्व में शांति और विकास का दूत रहा है और इसी पर कायम रहेगा। जिससे यूरोपीय संघ ने तहे दिल से स्वागत किया। इस यात्रा के दौरान मोदी जी ने बेल्जियम के साथ सभी क्षेत्रो में सहयोग करने का आश्वाशन दिया।

मोदी की अमेरिका यात्रा
मोदी जी ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में सबसे अधिक अमेरिका पर अपना प्रभुत्व बनाया है। जिससे ना केवल पाकिस्तान बल्कि चीन भी इस रिश्ते से डरा हुआ है। अमेरिका के मोदी प्रेम से एक और जंहा पाकिस्तान पर कूटनीतिज्ञ रूप से दबाब बना है। वही अमेरिका द्वारा भारतीय सीमा पर चीन द्वारा सुरक्षा कर्मी को बढ़ाये जाने का विरोध करने पर चीन की सत्ता में हलचल मच गई है। मोदी ने अप्रैल महीने में अमेरिका दौरे परमाणु सुरक्षा सम्मेलन पर कहा कि भारत शांति दूत देश है और भारत को किसी हथियार की आवशयकता नहीं है। यदि समस्त राष्ट्र परमाणु हथियार की निष्क्रिय कर दें तो भारत स्वेच्छा से परमाणु हथियार को निष्क्रिय कर देगा। भारत के इस प्रस्ताव का विश्व मंच ने ध्वनि मत से समर्थन किया।

पाकिस्तान से सम्बन्ध world praised indian pm nrendra modi

भारत सरकार अपने देश की सीमा के लिए एक विधयेक पास किया है। इस विधयेक के अंतर्गत यदि कोई संस्था, एजेंसी, प्रकाशक या व्यक्ति भारत के सीमा को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ क़ानूनी करवाई की जाएगी। नक़्शे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने पर 100 करोड़ का जुर्माना और अधिकतम 7 साल की सजा हो सकती है। इस विधयेक से भारत चीन और पाकिस्तान पर दबाब बनाने में कामयाब हुआ है।

भारत के इस विधयेक का पाकिस्तान ने कड़ा विरोध किया है किन्तु अमेरिका के मोदी प्रेम से संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जबकि पाकिस्तान ने इस मुद्दे को सयुंक्त राष्ट्र में उठाया था। अमेरिका के मोदी प्रेम से पाकस्तान को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा है। वाइट हाउस के एतराज के बाद भी अमेरिका के सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी ने राष्ट्रिय रक्षा प्राधिकरण विधयेक को स्वीकार कर लिया। इस विधयेक में मांग की गई थी कि पाकिस्तान को दी जाने वाली 45 करोड़ की राशि पर रोक लगा दी जाए। जिसे रिपब्लिकन पार्टी ने स्वीकार कर लिया है। इस रोक से पाकिस्तान को 45 करोड़ डॉलर राशि का नुकसान हुआ है।
हालांकि, पाकिस्तान को इस बात की खबर है कि आज जो कुछ अमेरिका पाकिस्तान के साथ कर रहा है वो केवल मोदी प्रेम के लिए है। इस बात से चीन भी वाकिफ है कि अमेरिका भारत का इस तरह का सहयोग सिर्फ और सिर्फ चीन पर दबाब बनाने के लिए कर रहा है।  world praised indian pm nrendra modiw

चीन के साथ संबंध world praised indian pm nrendra modi

मोदी जी ने अपने दो वर्ष के कार्यकाल में अपने पडोसी देश चीन का भी दौरा किया जिसमें मोदी चीन को ये विश्वास दिलाने में कामयाब हुए कि भारत आज भी हिंदी-चीनी भाई-भाई के स्लोगन पर कायम है। इसी संदर्भ में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर गतिरोध में कमी आई है। हाल ही में भारत के राष्टपति डॉ. प्रणव मुखर्जी ने चीन की यात्रा की है। जिससे दोनों देशो के बीच आपसी सहयोग बढ़ा है।
नेपाल, चीन और भारत

नेपाल के ओली सरकार का भारत के प्रति नजरिया चीन के प्रलोभन से बदल गया है क्योंकि चीन हमेशा नेपाल को भारत से अधिक सहयोग देने की बात कर नेपाल का भारत के साथ राजनीतिक संबंध बिगड़ना चाहता है और चीन कुछ हद तक इसमें सफल भी हुआ है। किन्तु मोदी अंतर्राष्ट्रीय पहुँच से नेपाल सरकार भी अच्छी तरह से अवगत है। ऐसे में नेपाल भारत के साथ राजनयिक संबंध नहीं बिगाड़ना चाहता है। इसी कारण नेपाल ने चीन को बाई-बाई कह भारत से पुनः दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। हालांकि, भारत ने भी दो टूक जबाब देने का मन बना लिया था।
भारत और सऊदी अरब world praised indian pm nrendra modi

मोदी जी ने अप्रैल महीने में केवल दो दिनों के लिए सऊदी अरब की यात्रा की। इस यात्रा के दौरान मोदी जी ने सऊदी अरब के साथ सभी क्षेत्रों आपसी भागीदार बनने की बात पेश की। जिसे सऊदी अरब की सरकार ने स्वेच्छा से स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री सऊदी अरब के रजनयकिों से मुलाकात कर इच्छा जताई कि भारत सऊदी अरब के साथ आपसी सहयोग बढ़ाना चाहता है।
इस अवसर भारत और सऊदी अरब के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। मोदी ने इसके बाद एक मल्टी नेशनल कंपनी के कर्मचारियों को भी सम्बोधित किया। सऊदी अरब की मुस्लिम महिलाओं ने मोदी के साथ सेल्फी लेकर भारत माता की जय के नारे भी लगाए। सऊदी अरब भारत का सबसे अधिक तेल निर्यातक देश है। इस लिए मोदी की सऊदी अरब की यात्रा अहम रहा है और इस यात्रा से भारत पाकिस्तान पर दबाब बनाने में भी कामयाब रहा कि मुस्लिम देश भी भारत के सहयोगी है। world praised indian pm nrendra modi world praised indian pm nrendra modi

मोदी, ईरान और सऊदी अरब world praised indian pm nrendra modi

सिया गुरु की हत्या के बाद सऊदी अरब और ईरान के बीच मतभेद बढ़ गया है और इस नजर से मोदी के लिए ईरान यात्रा पर जाना काफी चौंकाने वाली निर्णय रहा है। पुरे विश्व की नजर मोदी के ईरान यात्रा पर थी क्योंकि विश्व समुदाय का ईरान के साथ मधुर सम्बन्ध नहीं है। ऐसे में मोदी की यह यात्रा ऐतिहासिक रहा है। जिससे ना केवल एशिया बल्कि विश्व भी मोदी को आयरन मैन कहने लगा है। अपने ईरान यात्रा के दौरान मोदी ने ईरान के साथ सारे गिले-सिकवे को दूर करने में कामयाब रहा है।
मोदी का न केवल ईरान सरकार ने बल्कि ईरानी मीडिया ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया है। मोदी के बंदरगाह के लिए किये गए 500 मिलियन डॉलर्स की मदद का ईरानी मीडिया ने स्वागत किया है। इसका जिक्र करते हुए मीडिया ने कहा कि इस घोषणा से भारत चीन और पाकिस्तान पर दबाब बनाने में कामयाब हो गया है। world praised indian pm nrendra modi

आपको बता दें कि चीन ने भी पाकिस्तान पर एक बंदरगाह स्थापित किया है जो ईरान और मध्य एशिया के व्यापार के लिए बनाया गया है। भारत ने इसका प्रतिउत्तर चाबहार बंदरगाह में निवेश कर दी है। हालंकि, इसमें दो मत नहीं है कि मोदी ईरान के साथ दोस्ती का हाथ बढाकर ना केवल चीन पाकिस्तान बल्कि पुरे एशिया को जता दिया है कि एशिया का किंग कोई है तो वो भारत है।
जापान और रूस भारत का सबसे निकटतम मित्र रहा है जो आजादी के बाद से वर्तमान समय तक वफ़ादारी और दोस्ती के पैगाम विश्व पटल पर प्रस्तुत किया है। मोदी के विदेश नीति से भारत का न केवल राजनीति में बल्कि अर्थव्यवस्था भी सुधरी है। world praised indian pm nrendra modi