मेरा उद्देश्य सिर्फ अखिलेश के काले कारनामे का बैंड बजाना है : योगी





उत्तर प्रदेश सरकार फिजूलखर्ची के लिए जानी जाती है। लेकिन अब समय में काफी बदलाव आ गया है। मुख्यमंत्री ने अपने लिए लक्जरी गाड़ियों की खरीदारी से साफ इन्कार कर दिया है। उन्होंने सरकारी मशीनरी में सादगी से उपयोग की तरफदारी की है। yogi refuse take new car

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिजूलखर्ची करने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने अपने लिए नई गाड़ी खरीदने से साफ इंकार कर दिया है। गौरतलब है कि अब तक यह होता आया है कि जो भी मुख्यमंत्री पद पाते हैं अपने लिए नई गाड़ी खरीदते हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकारी पैसों से दो मर्सिडीज खरीदी थी वहीं मायावती ने एक करोड़ रुपए की लैंड क्रूजर लिया था उनकी इस तरह की फिजूलखर्ची काफी चर्चित रही है। yogi refuse take new car 




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वहीं योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि वे अखिलेश यादव द्वारा खरीदी गई गाड़ी से ही चलेंगे। उससे उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। जबकि राज्य संपत्ति विभाग की तरफ से उन्हें मर्सिडीज बैंट की दो नई एसयूवी खऱीदने का प्रस्ताव दिया गया था। योगी आदित्यनाथ दिखावे में यकीन नहीं रखते। उनका कहना है कि जनता की मेहनत की कमाई मंत्रियों को इस तरह से फिजूलखर्ची नहीं की जानी चाहिए। yogi refuse take new car

yogi refuse take new car पिछले सरकारें फिजूलखर्ची के लिए जानी जाती हैं

आदित्यनाथ सीएम बनने के बाद भी सादगी भरा जीवन जीते हैं। जहां और कोई भी मुख्यमंत्री अपने लिए कई एसी लगवाते हैं। मुख्यमंत्री खुद बिना एसी वाले रूम में सोते हैं वहीं उन्होंने गेस्ट के लिए अलग से एसी लगवा दिया है। मुख्यमंत्री ने वीआईपी कल्चर सबसे पहले अपने राज्य में खत्म किया है जहां लाल और नीली बत्ती हटाई गई है। yogi refuse take new car

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गौरतलब है कि पिछले सरकारें फिजूलखर्ची के लिए जानी जाती हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार के लिए पांच करोड़ का मर्सिडीज रथ बनवाया था। वहीं वे खुद डेढ़ करोड़ की मर्सिडीज से चलते थे। ऐसे में लक्जरी गाड़ियां का इस्तेमाल मायावती भी करती रही थी जो काफी चर्चित रही। yogi refuse take new car

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