अमेरिका मोदी प्रेम का दूसरा अध्याय प्रारंभ, अब भारत को सुरक्षा परिषद् में स्थायी सदस्यता दिलाने के लिए की पेशकश




भारत और अमेरिका के बीच आपसी सम्बन्ध दिन-व-दिन बढ़ता जा रहा है। अमेरिका का मोदी प्रेम अब परवान पर है। पहले अमेरिका ने भारत को एनएसजी में सदस्यता दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की। अब संयुक्त राष्ट्र में भारत को स्थायी सदस्यता दिलाने के लिए कोशिश प्रारम्भ कर दी है।america said india need sign ctbt papers

हालांकि, ये बात अलग है कि चीन की अड़ियल नीति के कारण भारत इस समूह का सदस्य नहीं बन सका लेकिन अमेरिका ने भरपूर प्रयास किया। इस बाबत अमेरिका ने 47 देशों को मना लिया था पर चीन ने भारत के विरोध में वोट देकर भारत को एनएसजी समूह का सदस्य नहीं बनने दिया। america said india need sign ctbt papers

अमेरिका ने अपने प्रयास को जारी रखा और भारत को एमटीसीआर समूह का सदस्य बनाया जिससे अब भारत 300किमलोमीटर दुरी तक की मिसाइल को खरीद अथवा बेच सकता है। यंहा तक की भारत अब ड्रोन मिसाइल भी खरीद सकता है। america said india need sign ctbt papers

इसी क्रम में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा कि भारत को अब सीटीबीटी पर हस्ताक्षर करना चाहिए। भारत विश्व में शांति बहालकरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला देश है। ऐसे में भारत से उम्मीद की जाती है कि भारत जल्द सीटीबीटी पर हस्ताक्षर करें। ये फैसला अब भारत के हाथ में है।america said india need sign ctbt papers

कब भारत सीटीइटी पर हस्ताक्षर करता है america said india need sign ctbt papers

आपको बता दें कि इससे पूर्व कई बार विकसित देशों ने भारत पर सीटीबीटी पर हस्ताक्षर के लिए दबाब बनाया था लेकिन भारत ने सीटीबीटी पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं किया है। 1990 के दशक में यह मुद्दा उठाया गया था कि एशिया और अमेरिका महादेश से दो प्रमुख देशों को संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनाया जाये इस एवज में विकसित राष्ट्रो ने भारत और ब्राजील के नाम पर मुहर लगाई थी लेकिन भारत द्वारा सीटीबीटी पर हस्ताक्षर न करने के कारण विकसित राष्ट्रों ने भारत के नाम को हटा दिया था। america said india need sign ctbt papers

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भारत की मांग थी कि सीटीबीटी  पर हस्ताक्षर उस शर्त पर की जाएगी जब सभी राष्ट्र अपने परमाणु हथियार को निष्क्रिय कर दें अथवा सभी देश समान अनुपात में परमाणु बम रखे लेकिन विश्व समुदाय ने भारत की मांग को ठुकरा दिया था। जिस कारण भारत ने सीटीइटी पर हस्ताक्षर नहीं किया था। अतः भारत संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य बनते-बनते रह गया। america said india need sign ctbt papers

अब अमेरिका के मोदी प्रेम से एक बार फिर भारत की संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्य बनने की उम्मीद बंधी है। जिसके लिए भारत को सीटीबीटी पर हस्ताक्षर करना होगा। अमेरिका ने इस बाबत भारत पर दबाब बनाने की भी कोशिश की है अब फैसला मोदी सरकार के हाथ में है की कब भारत सीटीबीटी पर हस्ताक्षर करता है और कब अमेरिका भारत के स्थायी सदस्य बनने के लिए ये विचार विश्व पटल पर रखता है ? america said india need sign ctbt papers
( प्रवीण कुमार )



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