मोदी का खौफ फारुख अब्दुल्ला ने मांगी माफ़ी। Farooq Abdullah apologizes




वरिष्ठ संपादक नीरज कुमार,
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह खत्म होने के बाद राष्ट्रगान के दौरान फ़ोन पर बात करते हुए पाए जाने पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुलाह ने शनिवार को मांगी माफ़ी। पूर्व मुख्यमंत्री कहते है की राष्ट्रगान के दौरान वे खड़े तो हुए थे लेकिन फ़ोन पर बात कर रहे थे जोकि गलत था वे किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचना चाहा रहे थे इसके लिए वे माफ़ी मांगते है। विपक्ष में शनिवार को भाजपा ने अब्दुल्लाह पर हमला करते हुए कहा की क्या वे राष्ट्रगान के समय अलगाववादियों से बात कर रहे थे भाजपा के ही एक वरिष्ठ नेता ने ट्वीट करते हुए कहा की ज़ाहिर सी बात है की फारुख साहब राष्ट्रगान पर धयान देने के बजाय फ़ोन पर धयान देना ज़यादा सही समझा।
अब इसे आप पीएम मोदी जी का खौफ कह लीजिए या संसदीय भाषा में काम करने की काबिलियत। पिछले 2 सालों में देश ही नहीं पुरे दुनिया में भारत के प्रति लोगों के सोचने का नजरिया बदला है। जो पडोशी दुश्मन थे वो खौफ में हैं और जो हमारे संस्कृति से मेल रखने वाले देश है उनके साथ गहरी दोस्ती हो गयी है यहाँ तक की चीन जैसा ताकतवर देश भी कई मुद्दों पर पीछे हटते दिखने लगे है जो कभी संभव नहीं लग रहा था।

मोदी का खौफ Farooq Abdullah apologizes

पिछले साल हुए जम्मू कश्मीर विधान सभा चुनाव में कांग्रेस और राष्ट्रिय कॉन्फ्रेंस पार्टी को मिली हार का कसर अब भी फ़ारूक़ अब्दुलाह के चेहरे पर झलकता है जब कभी जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्लाह का अवसर प्राप्त होता है वो जम्मू कश्मीर और देश की जनता को आहत पहुंचाने में पीछे नहीं रहते है कभी महिला को लेकर कुछ बयान देते है तो कभी देश की गरिमा को ठेस पहुंचाते रहते है पर ताजुब करने वाली बात ये है कि इतनी बड़ी गलती कर सिर्फ एक लाइन में माफ़ी मांग निकल लेते है। कब तक देश इस तरह की गन्दी राजनीति को से मुखातिब होता रहेगा। जरूरी है कि सविंधान में दिए गए प्रावधान में संसोधन कर ये सुनिश्चित हो कि आम जनता के साथ-साथ सभी अधिकारी और मंत्री देश के प्रति समर्पित हो। यदि कोई इस प्रावधान का उल्लंघन करता हो तो उस पर दण्डात्मक करवाई हो।
Awe of Awe of Modi Farooq Abdullah apologizes

 

Web Statistics