बिहार में शराब मिली तो नीतीश कुमार को भी भेजो जेल : पासवान




सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटना हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाने के बाद राज्य में शराब बन्दी को लेकर जुगलबाजी हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि वो नितीश कुमार के खिलाफ कोर्ट में याचिका डालेंगे, इस याचिका में दलील ये रहेगा कि नितीश कुमार ने बिहार में शराब पर तो पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। अब यदि नितीश सरकार के किसी विधायक के पास शराब मिलती है अथवा वो किसी भी प्रकार से शराब प्रतिबन्ध का उल्लंघन करते है तो नितीश कुमार को जेल भेजा  जाए। bihar wine ban continue 

खाद्य एवं  उर्वरक मंत्री राम विलास पासवान का कहना है कि नितीश कुमार ने बिहार को तालिबान बना दिया है। बिहार में शराब पर प्रतिबंध है पर इस पर जबरदस्ती करने की जरुरत नहीं थी। नितीश कुमार ने जो नया कानून को लागु किया है उससे तो बिहार तालिबान हो जाएगा। नये कानून के तहत यदि अब बिहार में कही पर भी शराब मिलेगा तो नितीश कुमार को भी जेल भेजा जाए।

बिहार में शराबी मायूस

आपको बता दें की नितीश सरकार के महज 1 साल के कार्यकाल में अब तक उनके 2-3 विधायक जेल जा चुके है। जिसमे गया रोड रेज़, और शराब प्रतिबंध का उल्लंघन करना है। वही पटना के विधायक तो लड़की को अगवा करने में अपने निर्वाचन क्षेत्र से फरार है। bihar wine ban continue 

इसके बाबजूद बाहुबली का बाहर आना और फिर जेल जाना। इस बात की पुष्टि करता है कि बिहार में भले ही नितीश कुमार अपनी बड़ाई करले की बिहार विकास मार्ग पर है। हालात ये है कि बिहार पुनः जंगल राज की ओर अग्रसर है। बिहार के बाहुबली शाहबुद्दीन ने जेल जाते समय नितीश कुमार को धमकी भी दे डाला। bihar wine ban continue 

नितीश कुमार को धमकी भी दे डाला

नितीश कुमार का पूरा ध्यान शराब और पीएम गद्दी पर है वो दो चीजों को ही बिहार में तवज्जो दे रहे है पहला बिहार में शराब नहीं मिले क्योंकि ये उनकी ज़िद है। यदि पटना हाई कोर्ट ने शराब प्रतिबंध को हटाने का निर्देश दिया तो नितीश कुमार सुप्रीम कोर्ट पहुँच गये। bihar wine ban continue 

यदि नितीश सरकार में शराब मिलने लगे तो ये नितीश कुमार की हर हो गई ऐसे में नितीश कुमार शराब पर प्रतिबंध लगाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते है। वैसे अब बिहार के जुगलबाजी करने से कुछ नहीं होना है क्योंकि नितीश कुमार का बिहार में शराब पर प्रतिबंध लगाना ज़िद और मज़बूरी दोनों है।  bihar wine ban continue 
( प्रवीण कुमार )



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