मथुरा में मौत का तांडव death orgy in mathura

धर्मस्थली मथुरा में जारी है मौत का तांडव





न्यूज़ डेस्क, death orgy in mathura
हिन्दू धर्म के लिए मथुरा धर्मस्थली है जो न केवल हिन्दू धर्म और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है बल्कि आधुनकि युग में भी मथुरा का वातावरण द्वापर युग के समान है किन्तु यह पावन नगरी उस समय मौत की नगरी में तब्दील हो गई जब मथुरा पुलिस जवाहरबाग़ में रह रहे अवैध सत्याग्रहियों को हटाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया। इसके विरोध में सत्याग्रही समुदाय ने पुलिस पर हमला बोल दिया और यह हमला झपड़ से प्रारम्भ होकर हिंसा में तब्दील हो गया । इस हिंसा में प्राप्त सरकारी जानकारी के अनुसार 2 पुलिस कर्मी सहित कुल 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दर्जनों लोग घायल हुए है। death orgy in mathura
आपको बता दें कि मथुरा में जवाहरबाग़ उद्यान पर अवैध रूप से कब्जा किये सत्याग्रहियों की कहानी बड़ी रोचक और दिलचस्प है। ये सत्याग्रही करीबन दो साल पहले मध्य प्रदेश से देश में सत्याग्रह के लिए निकले थे और 18 अप्रैल 2014 को ये सत्याग्रही समुदाय मथुरा के जवाहर बाग़ में विश्राम के लिए ठहरे किन्तु ये विश्राम के लिए जो ठहरे कि पूरी तरह से वही जम गये।
ये सत्याग्रही समुदाय जवाहर बाग़ में जमने के बाद खुद की सरकार बना डाली और इस क्षेत्र में इसी समुदाय के तहत कानून का पालन होने लगा। जो इसे मानने से इंकार करता था उसे सजा दी जाती थी। इस समुदाय के उपद्रव से स्थानीय लोगों ने इसकी कम्प्लेन थाने में कराई किन्तु पुलिस अवैध रूप से रह रहे सत्याग्रही समुदाय को उद्यान से हटाने में कामयाब नहीं हुई इस विरोधाभास में कई पुलिस कर्मी भी घायल हुए इससे इस समुदाय का मनोबल और भी बढ़ गया। जिसके बाद सरकार और प्रशासन की तरफ से भेजी गई किसी भी नोटिस का सत्याग्रही समुदाय द्वारा जबाब नहीं दिया गया। सत्याग्रही समुदाय के दुःसाहस का जबाब देने के लिए कल पुलिस बिना प्रोटेक्शन के जवाहर बाग पहुंची और समुदाय के नेता रघुवीर यादव को यथाशीघ्र अवैध कब्जे वाली सैंकड़ो एकड़ सरकारी जमीन को खाली करने की चेतावनी दी किन्तु पुलिस तब हैरान हो गई जब इस समुदाय ने बिना किसी प्रतिक्रिया के पुलिस पर हमला बोल दिया। जिसके बाद पुलिस ने हालत को काबू में करने की कोशिश की किन्तु परिस्थिति और भी बिगड़ती गई। अंत में पुलिस ने जबाबी करवाई की

इस मुठभेड़ में दो पुलिस कर्मी सहित 20 लोगों की मौत हो गई है। death orgy in mathura

मथुरा में स्थिति अब भी तनाव पूर्ण है। अखिलेश सरकार ने इस पुरे घटनाक्रम के लिए मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए है जबकि मृतकों के परिवार को दो लाख तथा शहीद हुए पुलिस कर्मी को 20-20 लाख रूपये देने की घोषणा की है। death orgy in mathura
मथुरा में कल जो कुछ भी हुआ वो केवल सामजवाद की खुनी होली थी जिसमें निर्दोष लोगों के साथ कुछ पुलिस कर्मी भी मारे गये यदि समय के साथ अखिलेश सरकार इस पर सख्ती से करवाई की होती तो शायद आज धर्मस्थली में मौत का तांडव नहीं होता।  मथुरा में मौत का तांडव death orgy in mathura



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