आज मंगला गौरी व्रत है जानिए व्रत कथा और पूजा विधि




हिन्दू धर्म के अनुसार गौरी पूजन प्रत्येक मंगलवार को किया जाता है। गौरी पूजन सौभाग्यवती स्त्रियों के लिए अखंड सौभाग्य का वरदान देता है। हिंदी पंचांग के मंगलवार 9 अगस्त 2016 को मंगला गौरी व्रत मनाया जाएग। माँ गौरी का यह व्रत मंगला गौरी के नाम से विख्यात है। स्त्री अपने पति की लम्बी आयु के लिए मंगला गौरी का व्रत करती है। devotional mangala gauri history

गौरी पूजा की कथा devotional mangala gauri history

प्राचीन काल में आनंद नगर में धर्मपाल नामक एक सेठ अपनी पत्नी के साथ सुख पूर्वक जीवन-यापन करता था। धर्मपाल के जीवन में धन, वैभव की कोई कमी नही थी, किन्तु उसे केवल एक बात की दुःख हमेशा सताती थी। जो सेठ धर्मपाल के दुःख का कारण बनती थी की उसकी कोई संतान नही थी। devotional mangala gauri history

सेठ धर्मपाल खूब पूजा-पाठ तथा दान-पुण्य किया करता था। उसके पूजा-पथ तथा अच्छे कार्यो की कृपा से एक पुत्र प्राप्त हुआ, परन्तु पुत्र की आयु अधिक नही थी। ज्योतिषियों के अनुसार सेठ धर्मपाल के पुत्र की मृत्यु जन्म के सोलहवे वर्ष में साँप डसने के कारण हो जायेगा। devotional mangala gauri history

कल्कि जयंती की कथा एवम इतिहास devotional mangala gauri history

सेठ धर्मपाल अपने पुत्र की कम आयु को जाना तो उसे अपने किस्मत पर बड़ा दुःख हुआ। सेठ धर्मपाल ने सोचा की भाग्य को कैसे बदला जा सकता है। अतः प्रभु की इच्छा में मेरी इच्छा निहित है। devotional mangala gauri history

कुछ समय पश्चात सेठ धर्मपाल ने अपने पुत्र का विवाह एक योग्य एवम संस्कारी कन्या से कर दिया। कन्या बचपन से ही माता गौरी का व्रत किया करती थी। अतः इस प्रभाव से कन्या को माता गौरी से अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्राप्त था जिसके अनुसार सेठ धर्मपाल का पुत्र दीर्घायु हो गया। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org




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