आज वरलक्ष्मी जयंती है ऐसे करें माँ लक्ष्मी की पूजा तो होगी धन की वर्षा




वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की दशमी को वरलक्ष्मी जयंती मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष शुक्रवार 12 अगस्त 2016को वरलक्ष्मी व्रत मनाई जाएगी। devotional varalakshmi history  

धार्मिक मान्यताओ के अनुसार यह व्रत शादीशुदा जोड़ों को संतान प्राप्ति का सुख प्रदान करता है। वरलक्ष्मी व्रत को रखने से अष्टलक्ष्मी पूजन के बराबर फल की प्राप्ति होती है। यह व्रत कर्नाटक तथा तमिलनाडु राज्य में बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है। devotional varalakshmi history  

वरलक्ष्मी व्रत कथा devotional varalakshmi history  

पौराणिक कथा अनुसार एक बार मगध राज्य में कुण्डी नामक एक नगर था। कथानुसार कुण्डी नगर का निर्माण स्वर्ग से हुआ था। इस नगर में एक ब्राह्मणी नारी चारुमति अपने परिवार के साथ रहती थी। चारुमति कर्त्यव्यनिष्ठ नारी थी जो अपने सास, ससुर एवम पति की सेवा करके माँ लक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना कर एक आदर्श नारी का जीवन व्यतीत करती थी। devotional varalakshmi history  

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एक रात्रि में चारुमति को माँ लक्ष्मी स्वप्न में आकर बोली, चारुमति हर शुक्रवार को मेरे निमित्त मात्र वरलक्ष्मी व्रत को किया करो। इस व्रत के प्रभाव से तुम्हे मनोवांछित फल प्राप्त होगा। devotional varalakshmi history  

अगले सुबह चारुमति ने माँ लक्ष्मी द्वारा बताये गए वर लक्ष्मी व्रत को समाज के अन्य नारियों के साथ विधिवत किया। पूजन के सम्पन्न होने पर सभी नारियां कलश की परिक्रमा करने लगी, परिक्रमा करते समय समस्त नारियों के शरीर विभिन्न स्वर्ण आभूषणों से सज गए। devotional varalakshmi history  

उनके घर भी स्वर्ण के बन गए तथा उनके यहाँ घोड़े, हाथी, गाय आदि पशु भी आ गए। सभी नारियों ने चारुमति की प्रशंसा करने लगे। क्योंकि चारुमति ने ही उन सबको इस व्रत विधि के बारे में बताई थी। कालांतर में यह कथा भगवान शिव जी ने माता पार्वती को कहा था। इस व्रत को सुनने मात्र से लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org



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