बीबीसी का खुलासा भारत को गांधी ने नहीं बोस ने दिलाई थी आजादी




बीबीसी की माने तो भारत को गांधी ने नहीं बल्कि बोस ने दिलाई थी आजादी। बीबीसी का यह खुलासा उस समय आया है जब आजादी के 70 साल हो चुके है और नेता जी सुभाष चन्द्र बोस मृत्यु से सम्बन्धित तक़रीबन 200 फाइलों को मोदी सरकार ने सार्वजानिक किया है। इस फाइलों में नेता जी के मृत्यु को लेकर अटकलों से सम्बन्धी तमाम तथ्यों का उजागर किया गया है। freedom fighter subhas chandra bose 

इसी क्रम में नेता जी से सम्बन्धी एक अन्य लेकिन मुख्य जानकारी सार्वजानिक हुई है कि देश की आजादी में नेता जी का महत्वपूर्ण योगदान था। अंग्रेजों ने गांधी जी के सत्याग्रह आंदोलन के बजाय नेता जी के डर से देश को आजाद किया था। freedom fighter subhas chandra bose 

नेता जी सुभाष चन्द्र बोस पर स्टडी करने वाले रिटायर्ड मिलिट्री हिस्टोरियन जीडी बख्शी ने अपनी किताब ‘ इंडियन समुराई: बोस’ में इस बात को लिखी है कि ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री एटली ने कहा था कि नेता जी के नेशनल आर्मी ने भारत को आजादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। freedom fighter subhas chandra bose 

मोदी के समर्थन में आई प्रियंका गांधी

जबकि गांधी जी के असहयोग आंदोलन का असर बहुत कम था। बख्शी ने तर्क के आधार पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एटली और पश्चिम बंगाल के गवर्नर जस्टिस पीबी चक्रवर्ती के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र किया है। गवर्नर ने अपने डायरी में लिखा था, मेरे गवर्नर रहने के समय एटली दो दिन मेरे गेस्ट हाउस में रुके थे और इस दरम्या उनसे आजादी को लेकर लम्बा डिस्कशन हुआ। freedom fighter subhas chandra bose 

मैंने उनसे पूछा था कि क्या गांधी जी के असहयोग आंदोलन का असर था कि अंग्रेजी हुकूमत को स्वदेश वापस लौटना पड़ा था। जबाब में एटली ने हँसते हुए कहा कि बहुत कम लेकिन नेता जी सुभास चन्द्र बोस के नेशनल आर्मी की देश आजादी के प्रयासों के कारण हमें वापस लौटना पड़ा और भारत स्वतंत्र हुआ। नेता जी के नेशनल आर्मी से प्रेरित होकर1946 में रॉयल इंडियन नेवी के 20 हजार सैनिकों ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर दी थी।




नेता जी दो बार 1946 में आकाशवाणी पर लाइव थे freedom fighter subhas chandra bose 

तक़रीबन 78 जहाज लेकर सैनिक मुंबई पहुंच गए थे और इन जहाजों पर तिरंगा भी फहरा दिया गया था लेकिन अंग्रेजों ने इस विद्रोह को भी दबा दिया था। लेकिन अंग्रेजो को सबसे बड़ी चुनौती नेता जी की सेना ने दिया था। जो जापान के सहयोग से असम और मणिपुर की सीमा तक पहुँच गए थे। किन्तु दुर्भाग्य बस मौसम की मार से नेता जी की सेना को यहाँ से लौटना पड़ा था। इस विद्रोह से अंग्रेजो की हुकूमत हिल गई थी। freedom fighter subhas chandra bose 

जिस कारण आनन-फानन में एटली ने घोषणा कर दिया था कि भारत को 1948 एक आजाद कर दिया जाएगा। जबकि नेता जी से जुड़े फाइलों को सार्वजनिक होने से यह खुलासा हुआ है कि नेता जी दो बार 1946 में आकाशवाणी पर लाइव थे। इस प्रोग्राम में नेता जी ने कहा था कि भारत 1948 तक आजाद हो जाएगा। नेता जी का यह बयान सत्य साबित हुआ और भारत 1947 में आजाद हो गया। freedom fighter subhas chandra bose 

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