रमजान मुबारक :मोदी happy ramadan nationalist muslims

राष्ट्रवादी मुसलमानों को रमजान मुबारक :मोदी




रमजान का पवित्र महीना आज से प्रारभ हो चूका है इस अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रवादी मुसलमानो को ढेर सारी शुभकामनायें दी है तथा रमजान के इस पाक महीने में देश भर में शांति और सौहार्द को बनाए रखने के लिए देश वासियों से अपील की है।

रमजान के दिनों में सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी होता है इसलिए जरुरी है कि रमजान के दिनों में संतुलित खाना खाया जाए ताकि शरीर स्वस्थ और तंदरुस्त रहे। हम रमजान के दिनों में खाने में कबाव, कुल्चा नहारी, बिरयानी और पराठा इत्यादि आमतौर पर खाते है। पवित्र महीना रमजान के दिनों में सहरी और इफ्तार के वक्त भोजन किया जाता है जबकि पूरा दिन खाली पेट रहकर रोजा किया जाता है। अतः जरुरी है कि रमजान में सेहत का खासा ध्यान रखा जाये तभी आप ठीक तरह से रोजा कर पाएंगे। आइए जानते है कि रमजान के दिनों में कैसे स्वस्थ और तंदरुस्त रहा जाये।

रमजान के दिनों में खूब पकवान बनाए और खाए जाते हैं, जिनमें कबाव, कुल्चा नहारी, बिरयानी और पराठा शामिल है। इन चीज़ों को हर रोज खाने से स्वास्‍थ्‍य बिगड़ने का खतरा रहता है, ऐसे में रोजा खोलने के तुरंत बाद पकवान इत्यादि कम मात्रा में खाएं।

सहरी के वक्त कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वाले खाद्य पदार्थों जैसे खजूर, अनाज, बादाम, नॉनवेज, केला, जूस और हरी सब्जियां इत्यादि का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए। ये सभी खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, और पोटैटेशियम जैसे तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाते हैं। इसके सेवन से आपको भूख भी कम लगेगी और एसीडिटी जैसी बिमारियों की शिकायत भी नहीं होगी।

जिस व्यक्ति को हृदय और मधुमेह की शिकायत हो उन्हें तेल और रोगन वाले कबाव, कुल्चा नहारी, बिरयानी और पराठा, चिकन करी और कवाब बिरयानी इत्यादि खाने से बचना चाहिए। इनसब चीज़ो से शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर भी बढ़ सकता हैं जबकि रक्त में शर्करा का स्तर भी बढ़ जाता है इसलिए रमजान के दिनों में जितना मुनासिब हो ऐसे भोजन से बचें। ऐसा माना जाता है कि सहरी और इफ्तार के वक्त में अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए, इससे शरीर में पानी की कमी को दूर करने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।




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