चीन की दादागिरी नहीं चलने देंगे : मोदी





जबसे मोदी एनएसजी की सदस्यता के लिए दुनिया भर के देशों को एक जुट करने में लगा है तबसे चीन की बेचैनी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। वैसे भी जबसे मोदी सरकार ने कमान संभाली है तबसे चीनी चहलकदमी में सीमा पर भी कमी आई है। जिस तरह से पहले वो ईटानगर आदि में अक्सर अपनी दादा गिरी किया करता था, वैसा अब नहीं चल रहा है। india will get nsg membership 

पिछले दिनों पहले की तरह चीनी फौज भारतीय सिमा में घुस आये और आईटीवीपी यानि भारतीय सेना को वहां से पीछे चले जाने को कहा दोनों में पहले बाद विवाद हुआ फिर जब बात नहीं सम्भली घंटों लात घुसे और कूड़े चलते रहे तब जाकर चीनी सैन्य अधिकारी आये और भारतीय सैन्य अधिकारी को चोकोलेट का पैकेट भेट करके अपने सैनिकों को वहां से साथ लेकर चीनी सीमा में वापिस चला गया। india will get nsg membership 

अड़ियल चीन की और हवा निकाल दी

मोदी ने चीन को भारत में मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत निवेश करने के लिए वाध्य किया। अपनी बाजार की लुढ़कती स्थिति को चीन सम्भल भी नहीं पाया था की मोदी ने एनएसजी की सदस्यता के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया। इस अभियान में48 देशों में 29  देशों ने भारत का साथ देकर अड़ियल चीन की और हवा निकाल दी।

अब सीओल में इस बात का निर्णय होना है लेकिन चीन इसमें अडंगा लगा रहा है। वो भारत की बढ़ती हुई ताकत को किसी भी हाल में रोकना चाहता है। वह बार बार पाकिस्तान का हवाला देकर भारत की एनएसजी में प्रवेश पर हर हाल में रोक लगाना चाहता है। idia will get nsg membership 

केजरीवाल उपराज्यपाल से टकराव छोड़ विकास पर ध्यान दें : सतीश उपाध्याय

एनएसजी के मामले में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी आक्रामक कूटनीति का प्रयोग कर रहे है। जब तक अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा हैं तबतक में मोदी एनएसजी वाला मामला सुलझा लेना चाहते है। अब अगर चीन इस मार्ग में कोई रोड़ा अटकाता है तो मोदी ने इसके लिए प्लान बी तैयार कर लिया है। india will get nsg membership

मोदी के चाल के सामने चीन की कोई चाल कामयाब नहीं हो पा रही है। हारकर चीन को मोदी मंत्र के आगे घुटना टेकना पड़ेगा नहीं तो आने वाले समय में उसकी अर्थ व्यवस्था चौपट हो जायेगी। वैसे जो खबर अभी अभी बीजिंग से आई है उसके मुताबिक चीन ने भारत का कड़ा विरोध नहीं करने का फैसला किया है। इससे मोदी के नीति को निश्च्य ही बल मिलेगा। india will get nsg membership 




Web Statistics