अमेरिका के मोदी प्रेम से पाकिस्तान का खौला खून कहा, महंगी पड़ेगी दोस्ती



न्यूज़ डेस्क, पाकिस्तान के नवाज शरीफ सरकार के विदेशी मामलो के सलाहकार सतात अजीज ने पहली बार स्वीकारा है कि मोदी के प्रभुत्व से अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ धोखेबाजी की है और हालात इस कदर बदल गई है कि अमेरिका अब पाकिस्तान का दोस्त नहीं रहा है। indo america pak relation

पाकिस्तान सरकार के विदेशी मामलों के सलाहकार सतात अजीज ने माना कि पिछले तीन महीनों से अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव पैदा हुआ है और ऐसा केवल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अमेरिकी कांग्रेस के बढ़ते स्नेह से हो रहा है। उन्होंने कहा कि आपको पता होगा कि अमेरिका बिना सब्सिडी पर फ-16 लड़ाकू विमान बेचने को तैयार था लेकिन अब अमेरिकी सरकार अपने किये हुए वायदे से मुकर रही है।indo america pak relation

पाकिस्तानी विदेशी सलाहकार सतात अजीज ने यह बात उस वक्त कबूली है जब पाकिस्तानी संसद में यह बात गूंजी कि यदि अमेरिका फ-16 विमान खरीददारी पर हमें सब्सिडी नहीं देता है तो हमें लड़ाकू विमान कही और से खरीद लेना चाहिए। इस प्रश्न पर जबाब देते हुए सतात अजीज ने कहा कि ये सही है कि अमेरिका से साथ सम्बन्ध अब अच्छे नहीं रहे है।

 मोदी का प्रभुत्व अमेरिका में बढ़ा है । indo america pak relation

वैसे, आपको बता दें कि कई मुद्दों को लेकर अमेरिका पाकिस्तान से दुरी बनाने की कोशिश कर रहा है। जिसमें प्रमुख परमाणु हथियार को लेकर विश्व मंच का विरोध, अमेरिकी मीडिया, अधिकारी और कांग्रेस पार्टी का मानना है कि हक्कानी ग्रुप को पाकिस्तान से पूरा समर्थन मिल रहा है। indo america pak relation

जबकि तीसरा और प्रमुख मुद्दा है अमेरिकी कांग्रेस डॉ. शकील अफरीदी को जेल से रिहा करने की मांग कर रही है। जिसे पाकिस्तान सरकार ने ख़ारिज कर दिया है। इस कारण अमेरिका ने पाकिस्तान से दुरी बनाना शुरू कर दिया है। indo america pak relation

मोदी-ओबामा के खौफ से बचने के लिए पाकिस्तान पहुंचा रूस 

मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बार अमेरिका की यात्रा कर चुके है और इस दौरान अमेरिका और भारत के बीच कई अहम समझौते हुए है। जिससे दोनों देश के राजनयिक संबंध में निकटता आई है। अमेरिका नहीं चाहता है कि आने वाले दिनों में भारत के साथ कोई वैचारिक मतभेद पैदा हो क्योंकि भारत में विकास की अपार सम्भावना है। indo america pak relation

जिससे विश्व पटल पर प्रतिस्पर्धा पैदा हो गई है और सभी देश में भारत में निवेश करने के किसी भी मौके को गवाना नहीं चाहता है। ऐसे में अमेरिका पीछे नहीं रहना चाहता है। अमेरिका के मोदी प्रेम से पाकिस्तान का खौला खून कहा, महंगी पड़ेगी यह दोस्ती indo america pak relation



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