केजरीवाल के सौ झूठ का खुलासा




झूठ और फरेब के वादों पर ठीके रहने वाले केजरीवाल ने अब तक दिल्ली को जमके लुटा है और इस संदर्भ में एक-एक कर सारे खुलासे होते गए है। केजीरवाल सरकार को महज डेढ़ साल हुए किन्तु इस डेढ़ साल में केजरीवाल सरकार अपनी छवि को धूमिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। kejriwal hundred false promise 

अब तक केजरीवाल ने सैकड़ो झूठे वायदे दिल्ली की जनता से किये होंगे लेकिन एक भी वायदे को पूरा नहीं किया है। केजरीवाल जब अन्ना हजारे के सहारे राजनीति में प्रवेश किया तो उनके आका का एक मकसद था लोकपाल बिल पास कराना, केजरीवाल के आका अन्ना हजारे अपने धरना प्रदर्शन के जरिये विश्व को दिखाना चाहते थे कि भारत में एक और गांधी ने जन्म लिया। kejriwal hundred false promise

अन्ना हजारे की छत्र छाया में केजीरवाल ने वो तमाम गुड सीखे जो एक आधुनिक लोकतान्त्रिक नेता में होना चाहिए।वैसे भी लोकतान्त्रिक भाषा में एक नया फरेज है झूठ बोलो और राज करो जो शायद केजरीवाल के जीन में पूरी तरह से लिप्त है। अन्ना आंदोलन में करोड़ो का चन्दा आया और जब इन नये नेताओं का पेट भर गया तो ये लोग अनशन से ऐसे गायब हुए जैसे बसंत में पेड़ से पत्ते गायब हो जाते है। kejriwal hundred false promise 

केजरीवाल ने सैकड़ो झूठे वायदे दिल्ली की जनता से किये होंगे kejriwal hundred false promise 

यही से केजरीवाल ने झूठ की दुकान का प्रारम्भ किया और दिन व दिन केजरीवाल ने इसमें कई बदलाव गिरगिट की तरह किया। राजनीति में केजीरवाल का आना शीला की दिल्ली की जनता का अनदेखी करना रहा। kejriwal hundred false promise 

केजीरवाल ने मौके का फायदे उठाते हुए पहले सत्तधारी सरकार पर आरोप लगाना प्रारंभ किया जिसमें शीला दीक्षित के खिलाफ घोटाले का पर्दाफास करना मुख्य था। केजरीवाल जंहा भी जाते थे अपने पूर्व एनजीओ के डॉक्यूमेंट को साथ में लिए रहते थे और इसे ही वो शीला दीक्षित के काले कारनामे का काला चिटठा बताते थे लेकिन कभी इस डॉक्यूमेंट को सार्वजानिक नहीं किया। kejriwal hundred false promise 

हालांकि, सरकार बनने के बाद भी केजरीवाल सरकार ने अब तक पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित पर कोई करवाई नहीं की है। इसके आलावा केजरीवाल ने तत्काल मनमोहन सरकार पर भी कई संगीन आरोप लगाया। यंहा तक कि केजीरवाल ने सार्वजानिक तौर पर दावा किया था कि सरकार बनते ही कांग्रेस के कई मंत्रियों को जेल भेजेंगे लेकिन 49 दिन की सरकार केजरीवाल ने कांग्रेस के सहयोग से ही बनाया। kejriwal hundred false promise 

उस समय केजीरवाल ने दिल्ली की जनता से साफ-साफ कहा कि मैं सरकारी बंगले में नहीं रहूँगा, मैं गाड़ियों में नहीं घूमूंगा। मैं 24 घंटो काम करूंगा। लोकपाल में कोई संसोधन नहीं होगा। इस तरह के के दर्जनों झूठे वादे दिल्ली की जनता से किया लेकिन मुख़्यमंत्री बनते ही केजरीवाल ने सारे सुविधाएँ का भरपूर इस्तेमाल किया। kejriwal hundred false promise 

दिल्ली की जनता का नब्ज टटोलते हुए केजरीवाल ने 49 दिन में ही कांग्रेस से नाता तोड़ पुनः चुनाव के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया।दिल्ली में राष्ट्रपति शासन के समय केजरीवाल ने दिल्ली की सभी गलियों के जाकर राजनीति स्टंट के लिए तमाचे-घुसे भी खाये। इस दरम्या केजीरवाल ने दिल्ली की जनता को बेवकूफ बनाने में कोई कसर नहीं  छोड़ा। 

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मीडिया मोदी के नियंत्रण में है

आइये जानते है केजीरवाल के झूठ का सच

1. मीडिया लगातार मोदी को बदनाम करने में लगी है फिर भी केजरीवाल ने कहा मीडिया मोदी के नियंत्रण में है। केजरीवाल को आजतक के पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के साथ फिक्सिंग करते देखा गया है।

2. केजरीवाल NGO कबीर में फोर्ड फाउंडेशन से 2.4 करोड़ रुपये लिए. जब उनसे पूछा गया तो शुरू में इंकार पर बाद में स्वीकार किया।

3. केजरीवाल ने बच्चों के नाम की शपथ ली की वो ना कांग्रेस का ना ही कांग्रेस को समर्थन देंगे। लेकिन बच्चो की कसम की परवाह ना करते हुए कांग्रेस से समर्थन लेकर मुख्य मंत्री बन गया।

4. केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बनने से पहले कैमरे के सामने शीला दीक्षित के घोटालो के खिलाफ सबूत को दिखाया और कहा शीला दीक्षित को जेल भेज कर रहेंगे । जब सत्ता में आए तो शीला के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की।

5. केजरीवाल ने मुस्लिमो को कहा की बाटला हाउस और इशरत जहान एनकाउंटर फर्जी थे। जबकि न्यायलय में पहले ही साबित हो चूका है की बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे गए लोग इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी थे।

6. आम आदमी पार्टी के संविधान में यह लिखा है की परिवार के सदस्य पार्टी के कोर कमेटी के सदस्य नहीं बन सकते है जबकि कविता रामदास फोर्ड एशिया प्रमुख है कविता के पिता एल रामदास, मां ललिता और बहन सागरिका आप के कोर कमेटी के सदस्य हैं.

7. केजरीवाल ने कहा था की वो आयकर आयुक्त थे लेकिन आयकर विभाग ने स्पष्ट कर दिया की केजरीवाल किसी पद पर कभी नहीं थे

केजरीवाल ने राजनीति स्टंट के लिए तमाचे-घुसे भी खाये kejriwal hundred false

8. केजरीवाल जब ओखला पहुँचते है तो वंहा के मुस्लिमो को कहते है की बाटला हाउस एनकाउंटर फर्जी थे और हमारी संवेदना आपके साथ है लेकिन जब केजरीवाल द्वारका पहुँचते है तो वो शहीद मोहन चद शर्मा के परिवार के लोगो से कहते है की मोहन चंद शर्मा जी आतंकवादीयो से लड़ते हुए मारे गए!

9. केजरीवाल कहते है की वो गरीब किसानों का समर्थन करते है तो दूसरी तरफ योगेश दहिया जिसने किसानो के करोड़ का मुआवजा खा गया उसे कृषि सुधार समिति में नियुक्त करते है।

10. केजरीवाल ने वाड्रा के खिलाफ प्रदर्शन कर कहा की वाड्रा को जेल जाना चाहिए लेकिन जाँच कर रहे युधवीर ने वाड्रा को क्लीन चिट देकर वाड्रा के सभी सौदों को वैध बना दिया। केजरीवाल ने युधवीर ख्यालिया जी को लोकसभा का टिकट दिया और साथ में आपके भूमि अधिग्रहण समिति का सदस्य बना दिया!

11. केजरीवाल ने आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कोहली की हत्या के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन की। चुनाव प्रचार के दौरान दावा किया की कांग्रेस और भाजपा के माफियाओं उसकी हत्या कर दी और उसे न्याय मिलना चाहिए। जब केजरीवाल मुख्यमंत्री बने उसके बाद केजरीवाल ने एक बार भी सीबीआई जांच की मांग नहीं की।

केजरीवाल को महिलाओं और बुजर्गों से हमदर्दी नहीं

12. केजरिवाल ने कहा की अन्ना आंदोलन का पैसा आंदोलन में ही खत्म हो गया। जबकि कुछ दिन बाद में उन्होंने कहा की केवल 2 करोड़ रूपये बचे थे। वही अन्ना के ब्लॉगर राजू परुलेकर ने ब्लॉग कर बताया की आंदोलन में करीब 200 करोड़ की राशि जमा हुई जो केजरीवाल जी ने अन्ना को कभी नहीं दिया।

13. केजरीवाल ने कहा, अपराधियों और भ्रष्ट को टिकट कभी नहीं देंगे पर अब तक केजीरवाल के आधी सेना गैर कानूनन चीज़ों में दोषी है। जिसमें एक दर्जन तो जेल के अंदर है।

केजीरवाल ने कहा की वो किसी भइउजी महाराज को नहीं जानते kejriwal hundred false promise 

14. केजरीवाल ने कहा वो आलाकमान संस्कृति के खिलाफ है जबकि हकीकत ये है की उनकी पार्टी में सबसे ज्यादा आलाकमान संस्कृति है केवल कुछ लोग सभी चीज़ तय करते है

15. केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि टाटा पावर भी बिजली की कीमतें बढ़ाना चाहता था। इसके लिए उनको एक पत्र प्राप्त हुआ है पर पत्र को केजरीवाल ने कभी सार्वजानिक नहीं किया।

16. अन्ना के आंदोलन के दौरान अन्ना और कांग्रेस के बीच मध्यस्थता का काम महाराज भैया जी ने किया था। जब यह बात सामने आई तो केजीरवाल ने कहा की वो किसी भइउजी महाराज को नहीं जानते।

17. केजरीवाल ने कई बार कहा की वो वीआईपी के खिलाफ है। लेकिन हम देख सकते है की केजीरवाल जेड सुरक्षा के बीच रहते है।

इस सब के आलावा केजरीवाल ने कई झूठ बोले है जिसे पुरे नहीं किया है किन्तु ये दिल्ली की जनता की मेहरबानी समझिए कि आज भी दिल्ली की जनता केजरीवाल को मसीहा ही मानती है। जबकि कागजी तौर पर सार्वजानिक हो चूका है कि केजरवाल ने अच्छे तरीके से दिल्ली की जनता को बेवकूफ बनाया है। kejriwal hundred false promise 



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