आज अनन्त चतुर्दशी है जानिए क्यों यह पर्व गणेश विसर्जन के दिन मनाई जाती है




वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष गुरूवार 15 सितंबर 2016 को अनंत चतुर्दशी का मनाई जाएगी। इस दिन गणपति विसर्जन भी किया जाता है। देश भर में आज के दिन अनंत चतुर्दशी बड़े हो हर्षोउल्लास के साथ मनाई जाती है। know anant chaturdashi story

अनंत चतुर्दशी की कथा know anant chaturdashi story

इस दिन भगवान विष्णु के निम्मित अनंत देव की पूजा करके संकटों से रक्षा करने वाला अनन्तसूत्र अर्थात अनंत धागा बांधा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब पाण्डव जुए में कौरव से अपना सारा राज-पाट हारकर वन में वनवास भोग रहे थे, उस समय भगवान श्रीकृष्ण जी ने पांडवों को अनन्तचतुर्दशी का व्रत करने की सलाह दी थी। devotional anant chaturdashi history

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भगवान् श्रीकृष्ण जी के वचनानुसार धर्मराज युधिष्ठिर ने समस्त पांडव परिवार के साथ विधि-विधान से यह व्रत कर अनन्तसूत्रधारण किया। पांडव द्वारा किये गए अनन्तचतुर्दशी-व्रत प्रभाव से पाण्डव सब संकटों से मुक्त हो गए। know anant chaturdashi story

विधि know anant chaturdashi story

इस दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठें, उठने के पश्चात स्नान ध्यान से निवृत होकर व्रत का संकल्प करें। शास्त्रों में व्रत का संकल्प एवं पूजा करने का प्रावधान किसी पवित्र नदी या सरोवर के तट पर है, तथापि वर्तमान में ऐसा संभव नहीं है। know anant chaturdashi story

अतः घर में पूजागृह की स्वच्छ भूमि पर कलश स्थापित कर कलश पर शेषनाग की शैय्यापर लेटे भगवान विष्णु जी की मूर्ति को स्थापित करें। तत्पश्चात, भगवान् श्री हरि विष्णु की पूजा पत्र, पुष्प, धुप, सुगन्ध, फल, दूर्वा आदि से करें, तथा पूजा स्थल के समक्ष चौदह ग्रंथियों (गांठों) से युक्त अनन्तसूत्र (डोरा) रखें। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें know anant chaturdashi story www.hindumythology.org




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