ऐसे करें सावन शिवरात्रि में शिव जी की पूजा तो प्राप्त होगा इच्छित वर





सोमवार 1 अगस्त 2016 को सावन शिवरात्रि है। हिन्दू धर्म में सावन शिवरात्रि का अति विशेष महत्व है। जहाँ वर्ष में एक महाशिवरात्रि मनाया जाता है वही वर्ष के प्रत्येक महीने में एक मासिक शिवरात्रि मनाया जाता है। जबकि सावन महीने के अर्ध माह में सावन शिवरात्रि मनाया जाता है। ग्रंथों में ऐसा वर्णित है कि माँ पार्वती शिव जी को प्रसन्न करने हेतु सावन महीने में व्रत किया करती थी। अतः सावन महीने में शिव जी के भक्ति और सेवा करने से व्रती को मनोवांछित फल प्राप्त होता है। विशेषकर अविवाहित स्त्री के लिए सावन महीना अति महत्वपूर्ण है। know sawan shivaratri history

मासिक शिवरात्रि की कथा एवम इतिहास

मासिक शिवरात्रि या महाशिवरात्रि एवम सावन शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार सावन शिवरात्रि के दिन व्रत करने से हर मुश्किल कार्य सुगम हो जाता है। know sawan shivaratri history

सावन शिवरात्रि की कथा know sawan shivaratri history

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव जी लिंग रूप में प्रकट हुए थे, और सर्वप्रथम भगवान शिव जी के लिंग रूप को भगवान ब्रह्मा और विष्णु ने पूजा था। पौराणिक परम्परा के अनुसार लोग शिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा करते है।

हिन्दू पुराणो की माने तो शिवरात्रि व्रत प्राचीन काल से ही मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है की देवी लक्ष्मीं, सरस्वती, गायत्री, सीता, पार्वती तथा रति ने भी शिवरात्रि का व्रत किया था। know sawan shivaratri history

जानिए कैसे करें सावन में शिव जी की पूजा की पूर्ण हो मनोकामना

महिला व् परुष सभी इस व्रत को कर सकते है। भक्त को शिवरात्रि की रात में जग कर शिव जी की पूजा व् भजन करना चाहिए। सावन शिवरात्रि के करने से जीवन में सुख और शांति की प्राप्ति होती है।भगवान शिव जी की कृपा से व्रत धारी के सारे बिगड़े काम बन जाते है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumytholgy.org




Web Statistics