आज भुवनेश्वरी जयंती है जानिए पूजा विधि और माँ को प्रसन्न करने के उपाय




हिन्दू धर्म के अनुसार भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की द्वादशी को भुवनेश्वरी जयंती मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष बुधवार 14 सितम्बर 2016 को भुवनेश्वरी जयंती मनाई जाएगी। माँ भुवनेश्वरी भगवान शिव जी की लीला की सहभागी है। इनका स्वरूप कांतिमय एवम सौम्य है। माँ भुवनेश्वरी की साधना से धन, वैभव, शक्ति एवम विद्या प्राप्त होती है। maa bhuvneshwari jayanti story 

देवी भुवनेश्वरी स्वरुप maa bhuvneshwari jayanti story 

माँ भुवनेश्वरी इस सृष्टि के ऐश्वर्य रूप की स्वामिनी है। माँ भुवनेश्वरी की चेतना में अनुभति का आनंद है। माँ के एकल स्वरूप में एक मुख, चार भुजा तथा चारों भुजा में गदा-शक्ति एवम दंड-व्यवस्था का प्रतीक है।

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माँ का वर्ण श्याम तथा गौर वर्ण है, इनके नख में ब्रह्माण्ड का दर्शन होता है। माँ सूर्य देव के समान लाल वर्ण युक्त दिव्य प्रकाश धारण किए हुई है।

माँ भुवनेश्वरी मंत्र maa bhuvneshwari jayanti story 

माँ भुवनेश्वरी का जाप मंत्र “ऐं हृं श्रीं ऐं हृं” के उच्चारण से करना चाहिए। इस मन्त्र जाप के उच्चारण से साधक को समस्त सुखों एवम सिद्धियों की प्राप्ति होती है।

Iभुवनेश्वरी जयंती महत्व maa bhuvneshwari jayanti story 

माँ भुवनेश्वरी के व्रत से व्रती पर माँ भगवती की कृपा बरसती है। माँ दयालु है और सबका पालन करती है। इनकी कृपा से व्रती को दिव्य दर्शन की अनुभूति प्राप्त होती है। इस अवसर पर मंदिरों में जाप, हवन और भंडारा का आयोजन किया जाता है। माँ की पूजा सभी भक्त गण अति श्रद्धा से करते है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumytholoogy.org  maa bhuvneshwari jayanti story 



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