देखिये प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह vs नरेंद्र मोदी का रिपोर्ट कार्ड





नई दिल्ली, प्रवीण कुमार  modi-govt-two-year-report-card

कल राजनाथ सिंह ने मोदी सरकार के विकास यात्रा के रिपोर्ट को सार्वजानिक किया। इस रिपोर्ट कार्ड में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के तुलना में नरेंद्र मोदी ने ऐसे काम किये है जो कई दशकों में नहीं हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश अपनी तरक्की की चरम सीमा पर है। इसी संदर्भ में मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट कार्ड के जरिये देखते है रिपोर्ट, modi-govt-two-year-report-card

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मोदी सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में अनेकों ऐसी योजनाओं का प्रारम्भ किया है। जिससे देश के जन-जन लाभान्वित हो रहे है। मुद्रा योजना, कौशल योजना, जन धन योजना, मेक इन इंडिया योजना जैसी योजनाएं है। मेक इन इंडिया ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी इस योजना का डंका बज रहा है। प्रधनमंत्री ने भारतीय विदेश नीति को इतना मजबूत कर दिया है कि अमेरिका जैसा देश मोदी के मेहमानबाजी में सबसे आगे रहता है। आज सम्पूर्ण विश्व भारत की अर्थव्यवस्था के विकास में भागीदार बनने के इछुक है। जबकि आज से दो वर्ष पूर्व देश की स्थिति इतनी दयनीय थी कि विश्व बैंक भी भारत में निवेश करने से पहले विचार करने के लिए सदस्य देशो को सुझाव देता रहा है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली
वित्त मंत्री ने अपने दो साल के कार्यकाल में कई ऐसे विधयेक लोकसभा और राजयसभा में पास कराया जो आने वाले दिनों में भारत के लिए लाभकारी होगा। स्वर्ण पर 1 % का टैक्स लगाना उचित रहा है इससे उपभोक्ता को लाभ मिलेगा। वही पीएफ को लेकर भी अरुण जेटली ने कई अहम कदम उठाये है। जिससे पीएफ धारकों को लाभ प्राप्त होगा।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह
मोदी सरकार के दो साल में गृह मंत्री राजनाथ सिंह देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया। पठानकोट हमले को छोड़ दिया जाये तो देश में शांति व्यवस्था कायम करने में गृहमंत्री राजनाथ सिंह सफल रहे। वही पाकिस्तान समर्थित आतंकवदिओ पर नकेल कसने में कामयाब हुए। देश विरोधी गतिविधि पर भी लगाम कसा गया है। हालांकि, समस्त विश्व आज आईआईएस के आतंक से ग्रसित है किन्तु राजनाथ सिंह ने न केवल आईआईएस को भारत में अपने गतिविधि को अंजाम देने से रोका है बल्कि देश के युवा वर्ग को भी आईआईएस के जेहादी नारे से भर्मित नहीं होने दिया है।

सुषमा स्वराज विदेश मंत्री
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने विदेशी नीति से सबको प्रभावित किया है। मोदी सरकार के दो साल में सुषमा स्वराज ने एशिया सहित विश्व के विभिन्न देशों का दौरा किया और भारत की विदेश नीति को मजबूत किया। जंहा एशिया में भारत का दबदबा बन है। वही विश्व पटल पर भारत को एक नयी पहचान मिली है। सुषमा स्वराज का विदेश नीति कार्य अब तक सफल रहा है। सुषमा ने विदेश में बंधक की रिहाई और गीता को पाकिस्तान से भारत लाकर जो पहल की वो वाकई में मोदी सरकार की सफलता है।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर
गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर और वर्तमान में देश के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर देश के सबसे ईमानदार नेता माने जाते है। जब से मोदी जी ने इन्हे रक्षा मंत्रालय का दायित्व दिया है। मनोहर पर्रिकर ने इस दायित्व का निष्ठां पूर्वक निर्वाह किया है। जंहा जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में कमी आई है। वही चीन की यात्रा कर रक्षा मंत्री ने चीन से भी सीमा और वैचारिक मतभेद को दूर करने में सफल रहे है। फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान की खरीदारी को अंतिम रूप देकर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने अपनी कार्य कुशलता का अनूठा नमूना पेश किया है। जिससे न केवल भारत की रक्षा पंक्ति मजबूत होगी बल्कि एशिया व विश्व में भारत का प्रभुत्व बढ़ेगा।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु
रेल मंत्री सुरेश प्रभु मोदी सरकार के सबसे सफल मंत्री रहे है। जंहा रेल मंत्री ने आरक्षण में भ्रष्टाचार खत्म करने की कोशिश, तेज गति की ट्रेनें, तत्काल, खानपान में सुधार और साफ-सफाई खासा ध्यान दिया है। वही देश को बुलेट ट्रैन की सौगात मिली है। उनकी कोशिशों और फैसलों ने रेल से देश के लोगों में उम्मीदें जगाई हैं।

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी मोदी सरकार की झाँसी की रानी है। स्मृति ईरानी ने बच्चों को आठवीं तक पास करने के पिछली सरकार के फैसले को रद्द कर , दसवीं को बोर्ड करना, शिक्षकों के शिक्षा में सुधार, विश्वविद्यालयो में काम का आवंटन, आदि ऐसे फैलसे है जिससे लगता है कि बदलाव की मुहीम सभी क्षेत्रों में है।

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देश में सड़कों को जोड़ने का जो काम किया है वो विचारणीय है। मोदी सरकार के कार्यकाल में नितिन गडकरी ने प्रतिदिन ३० किलोमीटर सड़क बनाने का संकल्प लिया है जो प्रगतिशल है। जंहा देश के दूर दराज इलाकों में सड़कों से पहुंचा जा सकता है। प्रधानमंत्री अटल ग्राम सड़क योजना को जारी रखते हुए नितिन गडकरी ने गांवों को शहरो से जोड़ने के लिए अहम कदम उठाया है।

धरातल पर नहीं आ पाईं स्मार्ट योजनाएं

शहरी विकास और संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू प्रधानमंत्री मोदी के किचन कैबनेट में आते हैं। इस नाते मोदी ने उन्हें ससंदीय कार्य और शहरी विकास मंत्रालय दिया है। ससंदीय मामलों में उन्हें ठीक-ठाक कहा जा सकता है। जहां तक शहरी विकास मंत्रालय का सवाल है तो नायडू ने कांग्रेस से जुड़े लोगों के नाम की योजनाएं के नाम बदले और स्मार्ट सिटी के मामले में अभी नाम की घोषणाएं हुई हैं। इस नाते इन्हें 10 में 5 नंबर मिले।

चुपचाप बिजली चमकाने में हैं माहिर

ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल चुपचाप काम करने में विश्वास करते हैं, इसलिए वह ज्यादा चर्चाओं में नहीं रहते हैं। ऊर्जा क्षेत्र में विकास के लिए मंत्रालय की तरफ से कई कदम उठाए गए है। बिजली वितरण के सुधारों के साथ उनके निर्णय से मोदी और लोगों की अपेक्षाओं को भी बढ़ा दिया है। गांव-गांव और घर-घर बिजली पहुंचाने का दावा सरकार कर रही है। इस नाते उन्हें 10 में 6 नंबर दिए जा सकते हैं।

खेती-किसानी में कोई उपलब्धि नहीं

कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह सूखे से निपटने में असफल रहे हैं। देश की 70 फीसदी जनसंख्या कृषि पर निर्भर है, जिसके चलते उनसे ज्यादा अपेक्षाएं थीं, लेकिन वे उन पर खरा नहीं उतर पाए हैं। किसानों की हालत बिगड़ी है। उपलब्धि के नाम पर उनके हिस्से में कुछ भी नहीं है। फसलों के मुआवजे का मामला हो या न्यूनतम मूल्य का तो किसान सरकार से नाराज ही हैं। इस नाते इनको 10 में से 4 ही नंबर दिए जा सकते हैं।  



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