मोदी को तोडना होगा चीन की दीवार




पीएम मोदी पांच देशो की यात्रा समाप्त कर स्वदेश वापस लौट आये किन्तु जो उम्मीद को लेकर मोदी ने पांच देशों की यात्रा की थी क्या वो सफल रहा है? ये 20 से 24 जून के बीच होने वाले एनएसजी की सहमति बैठक में सार्वजानिक होगा। ये बैठक दक्षिण कोरिया के सियोल में होगा जंहा भारत के विरोध में खड़े देश को अमेरिका मनाने की कोशिश करेगा । modi need break china wall

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने भारत की सदस्य्ता का विरोध कर रहे देशों दक्षिण कोरिया, तुर्की, न्यूज़ीलैण्ड और चीन को पत्र लिखकर कहा है कि सभी देशो को भारत का समर्थन करना चाहिए क्योंकि भारत एनएसजी का सदस्य बनने का प्रबल दावेदार है। अतः सभी देशों को वरोध की भावना का त्याग कर भारत का समर्थन करना चाहिए। इसी क्रम में दक्षिण कोरिया के सियोल में 20-24 जून के बीच मतदान होने की सम्भावना है जिसमें यह तय होगा कि भारत को एनएसजी का सदस्य कब बनाया जाए। modi need break china wall

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हालाँकि चीन ने इसका पुरजोर विरोध किया है कि भारत को एनएसजी सदस्य नहीं बनाया जाये क्योंकि इससे एशिया में अस्थिरता पैदा होगी। जिसके समर्थन में कई सदस्य आगे आया है। चीन की ये कोशिश है कि किसी तरह भारत को इस संगठन से दुर रखा जाये क्योंकि ऐसा करने से चीन एशिया में अपने प्रभुत्व को कायम रखने कामयाब हो जाएगा। पाकिस्तान भी चीन के नक्शे कदम पर चलते हुए न केवल एनएसजी संगठन का सदस्य बनने के लिए आवेदन किया है बल्कि सदस्य देश से समर्थन पाने के लिए उन्हें मनाने की भी कोशिश कर रहा है।modi need break china wall

 भारत एनएसजी संगठन का सदस्य बन जाएगा

चीन की विरोधाभास का आभास भारत को पूर्व से हो चूका था किन्तु भारत वर्तमान में कुछ नहीं कर सकता है क्योंकि चीन इस संगठन का प्रमुख देशो में से एक है। अब भारत की नजर केवल अमेरिका के सहयोग पर टिकी है जो बाह्य और आंतरिक रूप से भारत के समर्थन में खड़ा है। यदि अमेरिका दक्षिण कोरिया में होने वाले मतदान में सदस्य देशों को मनाने में कामयाब हो जाता है तो भारत के लिए एनएसजी का सदस्य बनना आसान हो जाएगा। modi need break china wall

एक और जंहा 48 देशों की सदस्य्ता वाली इस संगठन में से अधिकतर देश भारत के समर्थन में है वही कुछ देश जो पूर्व से भारत के विरोधी है वो आज भी भारत के मार्ग में अवरोध पैदा किये हुए है। वैसे एक बात तो तय है अमेरिका के सहयोग से शीघ्र भारत एनएसजी संगठन का सदस्य बन जाएगा। एनएसजी के लिए मोदी को तोडना होगा चीन की दीवार modi need break china wall




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