सर्वदलीय कमेटी मेंबर ओवैसी ने दिखाई औकात अलगाववादियों से गुपचुप मिले





घाटी में शांति स्थापित करने के लिए गई शिष्ट मंडल से अलगाववादियों के नेताओं ने मुलाकात नहीं की। इस बाबत गृह मंत्री राजनाथ सिंह अलगाववादी नेताओं पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि अलगाववादियों को कश्मीरियत, जमहूरियत और इंसानियत में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमने अलगाववादियों के लिए दरवाजे ही नहीं बल्कि रोशनदान भी खोल रखे है। owaisi met hurriyat leader umar farooq 

वही डेलिगेशन के साथ गये ओवैसी ने गुपचुप तरीके से हुर्रियत कांफ्रेस के उदारवादी नेता मीरवाइज़ उमर फारुख से मिलने चश्मा शाही उप जेल पहुँच गया। ओवैसी ने अपनी औकात फिर से दिखाई है की क्यों वो भारत विरोधी है। कश्मीर मुद्दे पर जंहा सरकार द्वारा भेजे गए शिष्टमंडल से कोई अलगाववादी नेता नहीं मिला। जबकि ओवैसी से बिना शर्त मिल लिया। owaisi met hurriyat leader umar farooq 

उपद्रवियों द्वारा पत्थरबाजी अब भी जारी है owaisi met hurriyat leader umar farooq 

आपको बता दें कि मीरवाइज़ उमर फारुख जेल में बंद है और कश्मीर में अशांति फ़ैलाने वाले अलगाववादी नेताओं में से एक है। ओवैसी जब जेल से बाहर आया तो अपना बचाव करते हुए कहा की केवल मुलाकात हुई है, दुआ-सलाम हुआ और फिर साथ में नमाज अदा किया। कश्मीर में अशांति मुद्दे पर ज्यादा बात-चीत नहीं हुई । owaisi met hurriyat leader umar farooq 
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ओवैसी का यूं अकेले जेल में मीरवाइज़ उमर फारुख से मिलना, ये दर्शाता है कि ओवैसी कश्मीर में शांति दूत बनकर नहीं बल्कि कश्मीर में अपनी पैठ बनाने के लिए अलगाववादी नेता बनने के लिए गया था। owaisi met hurriyat leader umar farooq 

घाटी में बुरहान वाणी की मौत के बाद फैली अशांति से पूरा घाटी त्रस्त है अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों की संख्या में सेना और पुलिस के जवान घायल हो गए है। बुरहान वाणी की मौत के करीबन दो महीने बाद भी घाटी में अशन्ति है। इस क्रम में मोदी सरकार और महबूबा मुफ़्ती ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाये है, परन्तु उपद्रवियों द्वारा पत्थरबाजी अब भी जारी है।  owaisi met hurriyat leader umar farooq 
( प्रवीण कुमार )




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