24 जून को है मोदी की अग्नि परीक्षा





एनएसजी को लेकर आजकल पूरी दुनिया में मोदी की चर्चा हो रही है, क्या भारत एनएसजी में सदसयता हासिल कर पाएगा ? क्या मोदी भारत को एक नयी पहचान दिला पाएंगे ? ये सभी तरह के प्रश्न का हल 24 जून को मिल जाएगा। जब दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में भारत की सदस्य्ता को लेकर मतदान होगा। pm modi exam

जंहा मोदी युरोपिंन देश का समर्थन पाने में कामयाब रहा है वही एशिया में मोदी अपने पड़ोसियों को मनाने में असफल रहे है। एशिया में मोदी के असफल होने का कारण ये नहीं है की मोदी ने प्रयास नहीं किया। एशिया में असफल होने का मुख्य कारण चीन और पाकिस्तान की भारत से दुश्मनी है, इतिहास गवाह है कि चीन और पाकिस्तान ने भारत को कई अहम मौके पर धोखा दिया है। pm modi exam

आज भारत की यह स्थिति कांग्रेस की देन है। यदि समय के साथ नेहरू जी सतर्क रहते तो आज भारत को विश्व में अपना अस्तित्व स्थापित करने के लिए चीन और पाकिस्तान जैसे देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। pm modi exam

प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू pm modi exam

बात 1960 की है जब तत्काल प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू गुटनिरपेक्ष आंदोलन स्थापति करने में जुटे हुए थे। जबकि विश्व के सभी शक्तिशाली देश अपनी रक्षा पंक्ति को मजबूत करने में जुटी थी। ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति केनेडी ने नेहरू को एनएसजी में सदसयता के लिए प्रस्ताव दिया था किन्तु नेहरू ने शांति की हिमाकत देकर इस प्रस्ताव को टाल दिया

था। अमेरिका चाहता था की साम्यवादी देश इस संगठन का सदस्य न बनें, और इस सगंठन के जरिये साम्यवादी देश पर दबाब बनाया जाये। नेहरू ने इस प्रस्ताव को ठुकरा कर मुसीबत अपने गले लगा लिया था क्योंकि बाद में चीन इस संगठन का सदस्य बना और उसी समय चीनी ने परमाणु बम बनाया और भारत पर आक्रमण करने के २ साल बाद इसका परीक्षण किया।

यदि भारत उस वक्त केनेडी के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता और शांति दूत का  तमगा थोड़े समय के लिए उतार देता तो आज न केवल भारत-चीन युद्ध 1962, भारत-पाकिस्तान 1965, भारत-पाकिस्तान युद्ध 1975 टल जाता बल्कि आज भारत कोएनएसजी के लिए चीन और तुर्की जैसे देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

इंदिरा गांधी आयरन लेडी के नाम से जानी गई

हालांकि, गांधी परिवार ने वही काम बाद में किया किन्तु तब तक बहुत देर हो गई। आपको बता दें कि 1965 भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु हो गई और तब गांधी परिवार ने इंदिरा गांधी को भारत का  प्रधानमंत्री बनाया। pm modi exam

इंदिरा गांधी आयरन लेडी के नाम से जानी गई क्योंकि उस समय भारत अमेरिका के पास मदद के लिए नहीं जा सका और चीन के साथ भारत के सम्बन्ध कटु थे तो बचा देश सोवियत संघ जो पाकिस्तान का परम मित्र था। इस सन्दर्भ में इंदिरा गांधी ने बड़ा फैसला लिया और पाकिस्तान के मित्र सोवियत संघ का दरवाजा खटखटाया। pm modi exam

उस समय यदि सोवियत संघ भारत को मदद करने से इंकार कर देता तो भारत की स्थिति आज और भी दयनीय होती किन्तु सोवियत संघ ने पूरा सहयोग का आश्वासन दिया। भारत ने सोवियत संघ की मदद से परमाणु बम बनाया और इसका पहला परीक्षण 18 मई 1974 को किया। pm modi exam

मोदी लहर में न केवल भारत बल्कि पूरा विश्व झूम रहा है

इसी परिक्षण का परिणाम है की चीन ने 1962 के बाद आज तक भारत पर आक्रमण नहीं किया। हालांकि, परमाणु बम की होड़ में भारत पाकिस्तान से पिछड़ गया। आज गांधी परिवार की देन है की भारत में अपार संसधान उपलब्ध होने के बाबजूद भारत विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाने में असमर्थ रहा है। pm modi exam

मोदी जी, पाकिस्तान के लिए अफगानिस्तान ही काफी है

मोदी ने पांच देशों की यात्रा कर सदस्य देशों से भारत के समर्थन का प्रस्ताव रखा था जिसे सभी देशों ने स्वीकार कर लिया है किन्तु सदस्य्ता पाने के लिए सभी देशों का समर्थन चाहिए और चीन पूरी तरह से अड़ा है की वो भारत की सदस्य्ता का समर्थन नहीं करेगा। अमेरिका चाहता है की भारत इस संगठन का सदस्य बने और इसके लिए अमेरिका ने सभी  देशों से भारत के समर्थन के लिए पत्राचार के द्वारा अनुरोध भी किया है। pm modi exam

 अब 24 जून को मोदी की अग्नि परीक्षा है जब एनएसजी की बैठक में भारत की सदस्यता को लेकर मतदान होगा। एक बात तो तय है की अमेरिका और यूरोपियन देश के सहयोग से भारत जल्द ही एनएसजी में सदस्य्ता हासिल करने में कामयाब हो जाएगा। मोदी लहर में न केवल भारत बल्कि पूरा विश्व झूम रहा है। pm modi exam



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