मोदी विकास के लिए और राहुल पिकनिक मनाने विदेश जाते हैं



आज राहुल गांधी मीडिया और पार्टी के कार्यकर्ताओं से जन्मदिन की बात कर विदेश निकल गये है। जबकि वे मोदी पर बार बार आरोप लगाते हैं की मोदी जी हमेशा विदेश में रहते है। ज्ञात रहे की कि राहुल गांधी पिछले बार भी 70 दिनों के लिए विदेश भाग गए थे और 70 दिनों के मौज मस्ती के बाद स्वदेश लौटे थे, इसके आलावा भी समय समय पर विदेश जाते ही रहते है। rahul gandhi went foreign

यदि आंकड़ों को देखा जाय तो राहुल गांधी मोदी से अधिक बाहर रहते है जबकि आरोप मोदी पर लगाते रहते है की मोदी काम करने के बजाय विदेश घूमने में लगे रहते है वैसे भी मोदी जी जब भी विदेश जाते हैं तो देश के विकास के लिए ही जाते है लेकिन राहुल गांधी क्या करने जाते है …

मोदी कार्यकाल के महज दो वर्ष हुए है किन्तु इन दो वर्षों में  न केवल भारत में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है बल्कि कांग्रेस की नैय्या भी डूबने के कगार पर है। मोदी लहर से कांग्रेस पार्टी में हलचल मच गई है और इस हलचल का ही नतीजा है की कांग्रेस पार्टी अपने कार्य को पूर्ण रूप से सही दिशा नहीं दे पा रही है। हाल ही में पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी थी।

पांच में से चार राज्यों में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बेहद ख़राब रहा और आजादी के बाद भारतीय राजनीति में कांग्रेस पार्टी का ये सबसे बुरा वक्त है। पार्टी की हार के बाद पार्टी में ही विरोधाभास देखने को मिला। हालंकि, मीडिया और बीजेपी ने इसे कांग्रेस मुक्त भारत की संज्ञा दी जबकि कांग्रेस इस बात से सहमत नहीं हो रही है की कांग्रेस मुक्त भारत का वक्त आ गया है। rahul gandhi went foreign 

कांग्रेस पार्टी के इस प्रदर्शन से पार्टी में जमकर विरोध हुआ है पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी एक स्वर में पार्टी की हार के लिए राहुल गांधी और सोनिया गांधी को जिम्मेदार ठहराया। इनलोगों ने पार्टी में फेरबदल के साथ साथ राहुल गांधी को छुट्टी पर जाने की राय भी दे डाली। rahul gandhi went foreign 

राहुल गांधी मोदी से डर कर रफूचक्कर हो गये rahul gandhi went foreign

हालाँकि, राहुल गांधी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को मना लिया था किन्तु बार-बार उनका विरोधाभास हो रहा है। इसी क्रम में राहुल गांधी मीडिया और पार्टी के कार्यकर्ताओं से जन्मदिन की बात कर विदेश निकल गये है। राहुल गांधी के विदेश जाने की बात पर पार्टी ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है किन्तु हकीकत ये है की राहुल गांधी मोदी से डर कर रफूचक्कर हो गये है। rahul gandhi went foreign 

कांग्रेस पार्टी के ही दिग्गज और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा था की पार्टी को सर्जरी की जरुरत है। जिसका समर्थन शशि थरूर ने किया था। हालाँकि, पार्टी में तत्काल कोई बदलाव नहीं हुआ किन्तु जब कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकार और सलाहकार प्रशांत किशोर ने पार्टी की जिम्मेवारी राहुल गांधी के हाथ सौंपने की बात की तो इस बात पर पंजाब कांग्रेस पार्टी इकाई के अध्यक्ष कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने समर्थन करते हुए कहा की सोनिया गांधी अब बुजुर्ग हो गई है। अतः अब पार्टी की कमान युवा वर्ग को दे देना चाहिए। जिसके बाद पार्टी में फेरबदल के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई। rahul gandhi went foreign 

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कांग्रेस पार्टी इकाई के प्रवक्ता की माने तो राहुल गांधी जल्द कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष होंगे वो अपनी माता और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी की जगह लेंगे। पार्टी ने इस फेरबदल की घोषणा औपचारिक रूप से नहीं की है किन्तु सूत्रों से पता चला है की पार्टी में जल्द ही फेरबदल होगा। rahul gandhi went foreign 

राहुल गांधी मोदी से अधिक बाहर रहते है

कांग्रेस पार्टी अब भी वापसी का आश्वासन दे रही है किन्तु राह इतनी आसान नहीं है। 2017 में उत्तर प्रदेश चुनाव होना है इसलिए अब कांग्रेस कोई चमत्कार करने की कोशिश में है। दो दिन पूर्व ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा की पार्टी में वरुण गांधी की जरुरत है और यदि पार्टी वरुण गांधी को मनाने में कामयाब होती है तो उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी। rahul gandhi went foreign 

राहुल गांधी का विदेश जाने के दो कारण है एक तो पार्टी में उनका विरोधाभास और दूसरा वरुण गांधी का पार्टी में वापसी की कोशिश है। जिससे राहुल गांधी खफा है। rahul gandhi went foreign 

वैसे एक बात तो विचारणीय अवश्य है कि राहुल गांधी पिछले बार भी 70 दिनों के लिए विदेश भाग गए थे और 70 दिनों के मौज मस्ती के बाद स्वदेश लौटे थे। यदि आंकड़ों को देखे तो राहुल गांधी मोदी से अधिक बाहर रहते है जबकि आरोप मोदी पर लगाते रहते है की मोदी काम करने के बजाय विदेश घूमने में लगे रहते है जबकि मोदी काम करने के उद्देश्य से विदेश जाते है।




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