संतों का सरगना राज्यपाल के पास पहुंचे





कैराना मामले में आज संतों के सरगना अपने कुछ शिष्यों के साथ राजयपाल के पास रिपोर्ट के साथ पहुंचे। जैसे ही साधु संत राज्यपाल राम नाईक के पास पहुंचे तभी राज्यपाल ने तपाक से बोल पड़े कि आज ही मैंने कैराना मामले का रिपोर्ट न्यूज़ पेपर में पढ़ा था। sants meet governor ram naik 

राज्यपाल राम नाईक ने इस रिपोर्ट का लिक होने पड़े राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि रिपोर्ट में जरूर कोई गड़बड़ी हुई है। इससे पहले आज संत आचार्य प्रमोद कृष्ण अपने शिष्यों और सहयोगी के साथ मिलकर राजभवन में राज्यपाल को कैराना मामले का रिपोर्ट सौंपी। sants meet governor ram naik 

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संत प्रमोद कृष्ण ने राज्यपाल से कहा कि दो दिन पूर्व ही हमने कैराना मामले का रिपोर्ट मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंपी थी किन्तु अखिलेश सरकार ने इसे मीडिया से साझा नहीं किया था। संत के कथन से राज्यपाल राम नाईक संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि जैसे की जानकारी थी की रिपोर्ट गोपनीय है। फिर रिपोर्ट कैसे लिक हुई ? आज समाचार पत्र में देखकर मैं भी हैरान हूँ। sants meet governor ram naik 

संत प्रमोद कृष्ण ने कहा कि हमने कैराना क्षेत्र में जाकर जानकारी हासिल की है। जिसमें हिन्दुओं परिवार के व्यथा और परेशानियों को जाना। संत के रिपोर्ट पर राज्यपाल राम नाईक ने पूछा कि क्या इस रिपोर्ट में सभी राजनितिक दलों और जन प्रतिनिधियों के पक्षों को जानने की कोशिश की गई है क्योंकि इस रिपोर्ट में एक सांसद और दो विधायक समेत अनेक जन प्रतिनिधियों को दोषी ठहराया गया है। sants meet governor ram naik 

राज्यपाल ने कहा कि जब तक कठघरे में खड़े लोगों की राय नहीं ली जाती है तब तक इस रिपोर्ट पर विचार करना गलत होगा। राज्यपाल ने इस रिपोर्ट पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि क्या इस जाँच समिति को सरकार ने गठित की है ? और जब एक समिति का गठन हो चूका था तो फिर इस समिति को सरकार ने क्यों बनाया। इस समिति का कोई औचित्य नहीं है। sants meet governor ram naik 

साधु संत की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भाजपा कैराना की आड़ में प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा फ़ैलाने की फ़िराक में थी। भाजपा नेता गुंडा गर्दी के जरिये कैराना में हिंसा कर माहौल को बिगाड़ना चाहते थे। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैराना से हिन्दू परिवार का पलायन करने का मुख्य कारण मुसलमान नहीं है। जबकि रोजगार, व्यवसाय और शिक्षा है।  sants meet governor ram naik 

इस रिपोर्ट में हकीकत कम बल्कि मनगंढ़त कहानी अधिक है sants meet governor ram naik

संतों ने अपने रिपोर्ट के माध्यम से राज्यपाल राम नाईक से अनुरोध किया कि सांसद हुकुम सिंह विधायक नाहिद हसन और संगीत सोम और साध्वी प्राची समेत एक दर्जन से अधिक लोगों पर करवाई करने की मांग की है। sants meet governor ram naik 

हालांकि, राज्यपाल ने इस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया किन्तु जब सरकार ने कैराना मामले के लिए जाँच समिति की गठित कर चुकी है तो फिर संतो ने किस उद्देश्य से अपने आप लिखित रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी। जबकि इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए किससे अनुमित ली थी। sants meet governor ram naik 

राज्यपाल ने रिपोर्ट के संदर्भ में अपनी राय जाहिर कर दी है कि कानून अपना काम कर रही है। इसके लिए विशेष समुदाय के उतावले पन को सरकार स्वीकार नहीं करेगी। वैसे भी संतो के द्वारा सौंपा गया रिपोर्ट बेबुनियाद पर आधारित है। इस रिपोर्ट में हकीकत कम बल्कि मनगंढ़त कहानी अधिक है। sants meet governor ram naik




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