चंद्रशेखर सिंह का पांव छूता था सुब्रमण्यम स्वामी





वर्तमान में बीजेपी के प्रखर, परिपक्व और गर्म मिजाजी राजनेता सुब्रमण्यम स्वामी अपने तीखे तेवर और विरोधियों पर न्याय संगत कदम उठाने के लिए जाने जाते है, लेकिन क्या आपको पता है कि पूर्व में सुब्रह्मण्यम स्वामी अपने गुरु चंद्रशेखर के पांव छुवा करते थे ? subramanian swamy touched teacher feet 

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह, सुब्रह्मण्यम स्वामी से केवल 12 वर्ष वरिष्ठ है और आयु के अनुपात की परवाह किये बिना सुब्रमण्यम स्वामी अक्सरहाँ चंद्रशेखर सिंह का पैर छूते रहते थे। यदि दोनों के राजनितिक जीवन पर ध्यान दिया जाए तो इस वर्ग में दोनों में एक दशक से अधिक उम्र का अनुपात था। subramanian swamy touched teacher feet 

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सुब्रमण्यम स्वामी का जन्म 15 सितम्बर 1939 में तमिलनाडु राज्य के चेन्नई में हुआ था। स्वामी का राजनितिक जीवन एक गैर सरकारी आंदोलन से प्रारम्भ हुआ था लेकिन ये आंदोलन आगे चलकर बहुत सक्रिय हो गया था।

1977 के समय में स्वामी के नेतृत्व में ये आंदोलन काफी प्रभावशाली रहा, जिस कारण तत्काल प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी इनसे नाखुश थी। स्वामी आईआईटी में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, जिस कारण इन्हें छात्र समूह का समर्थन प्राप्त था उसी समय स्वामी जेपी के सम्पर्क में आये, और जेपी के आंदोलन से काफी प्रभावित हुए। subramanian swamy touched teacher feet 

सुब्रमण्यम स्वामी का जन्म 15 सितम्बर 1939 में तमिलनाडु राज्य के चेन्नई में हुआ था subramanian swamy touched teacher feet 

इसके बाद इन्होंने राजनीति को ही अपना जीवन बना लिया। जिस एवज में इंदिरा गाँधी ने इन्हें आईआईटी कॉलेज से बर्खास्त करवा दी थी। इसी समय ये जनसंघ पार्टी के तरफ से राज्य सभा के सदस्य बने। जब आपातकाल में इनके नाम का वारंट निकला तो जेपी ने इन्हें तत्काल भारत छोड़ देने का आदेश दिया, उस समय स्वामी ने संकल्प किया कि भारत छोड़ने से पहले संसद में घुसकर दो मिनट का भाषण जरूर दूंगा। subramanian swamy touched teacher feet 

तमाम सुरक्षा और चौकसी की परवाह किये बिना स्वामी संसद में घुस गये और उपस्थित पत्रकारों के सामने ये कहकर निकल गए कि इंदिरा गाँधी के नेतृत्व में लोकतंत्र मर चूका है। संसद से निकलने के बाद स्वामी नेपाल के रास्ते अमेरिका पहुंच गये।

जब आपातकाल 23 मार्च 1977 को ख़त्म हुआ तो 1 मई 1977 में मोरारजी देसाई के नेतृव में जनता पार्टी का विधिवत गठन हुआ, जिसेक नेता मोरारजी देसाई बने। जनता पार्टी के सदस्यों में चंद्रशेखर सिंह भी थे। जिसने मोरराज जी देसाई के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था जिसमें उन्हें मंत्री बनने के लिए कहा गया था। जेपी के कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि मोरराज जी देसाई से वैचारिक ममतभेद होने के कारण वो मंत्री नहीं बनना चाहते है। subramanian s

चंद्रशेखर सिंह का जन्म 17 अप्रैल 1927  ई को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ था। subramanian swamy touched teacher feet 

हालांकि, चन्द्रशेखर सिंह मंत्री नहीं बने लेकिन जनता पार्टी में रहकर उन्होंने अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया, जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद स्वामी अमेरिका से स्वदेश लौट आएं, इसी दौरान वो चंद्रशेखर सिंह के काफी करीब हो गए और उनकी दिए गए हर निर्देशों का बखूबी पालन करते थे।

स्वामी जी को कभी कभार चंद्रशेखर सिंह का पैर छूते भी देखा गया। दस साल तक चंद्रशेखर सिंह जनता पार्टी के अध्यक्ष रहे, 1988 में जब जनता पार्टी का विघटन हुआ तब चद्रशेखर सिंह ने कांग्रेस को समर्थन दिया, जिसके एवज में कांग्रेस ने उन्हें 1990 में प्रधानमंत्री बनाया। चंद्रशेखर सिंह के इस्तीफा देने के बाद सुब्रमण्यम स्वामी 1990 से जनता पार्टी के अध्यक्ष बने।

2007 में 80 वर्ष की उम्र में कैंसर बीमारी से चंद्रशेखर सिंह का निधन हो गया। subramanian swamy touched teacher feet 

एंटी पार्टी होने के बाबजूद चंद्रशेखर सिंह ने स्वामी को स्वामी आयोग का सदस्य और भारत सरकार में वाणिज्य मंत्री बनाया, इस दौरान स्वामी ने भारत में आर्थिक सुधारों के लिए खाका तैयार किया, जिसे पी वी नरसिम्हा राव की सरकार में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में लागु किया गया। चंद्रशेखर सिंह की मेहरबानी के कारण 1994 और 96 में सुब्रमण्यम स्वामी अंतराष्ट्रीय व्यापर आयोग और श्रम मानकों के अध्यक्ष पद पर रहे।

जब 1999 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी की सरकार बनी तब स्वामी अटल, अडवाणी के सम्पर्क में आएं और तब से बीजेपी के समर्थन में रहे। 2013 में पीएम मोदी से दो बार मिले, और 2014 लोकसभा चुनाव में साथ लड़ने की इच्छा जताई, जिसे मोदी ने स्वीकार कर लिया।

उसी समय जनता पार्टी का विलय बीजेपी में हो गया। वही चंद्रशेखर सिंह ने 1999 में कांग्रेस द्वारा समर्थन वापस ले लेने के बाद प्रधानमंत्री पड़ से इस्तीफा दे दिया, इस्तीफा देने के बाद चंद्रशेखर सिंह 20 जून तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहे। पी वी नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री बनने के बाद चंद्रशेखर सिंह ने राजनीति से सन्यास ले लिया। 2007 में 80 वर्ष की उम्र में कैंसर बीमारी से चंद्रशेखर सिंह का निधन हो गया।

वैसे तो सुब्रमण्यम स्वामी बचपन से गरम दल के नेता रहे है लेकिन राजनीति जीवन में उन्हें फर्श से अर्श पर पहुँचाने में चंद्रशेखर सिंह का विशेष योगदान है। ये पैर छूने का परिणाम है कि स्वामी आज न केवल राजनेता है बल्कि प्रखर, परिपक्व और कुशल वक्ता भी है। subramanian swamy touched teacher feet 
( प्रवीण कुमार )




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