सरकारी बंगला हड़पने वाले मंत्रियों पर बरसा सुप्रीम कोर्ट का कहर





सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है वो काबीले तारीफ़ है। दरअसल यह एक ऐतिहासिक फैसला है। आजादी के बाद जो लूट और जमाखोड़ी की नीति भारत में चल रही है उसपर सुप्रीम कोर्ट ने कठोर प्रहार किया है । supreme court order eviction house 

कोई भी नेता यह कहता है की मैं समाज सेवा के लिए इस क्षेत्र में आया हूँ लेकिन जब वो इस फिल्ड में आते हैं तो किस तरह से जनता की पूंजी लूट कर खाएं वो इसकी जुगाड़ में लगा रहता है।लोगों की लाचारी होती है की इनके अलावा वो किसी और को चुन भी तो नही सकते। supreme court order eviction house 

जरा नजर डालिये इसमें सभी पार्टी के सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति ही हैं। जब पार्टी के प्रमुख व्यक्ति ही लाभ के लिए लोभ को पाल कर रखेगा तो उनके अनुयायी क्या करेंगे। हम जनता से अपील करते है की क्या इसी आजादी के लिए देश भक्त वीरों ने अपनी जान दी थी। supreme court order eviction house

हम इन महान नेताओं से ये सवाल करना चाहते है कि जनता के इसी सेवा का प्रण आपने लिया है की जब तक जीऊंगा तब तक आम जनता को ठीक से जीने नही दूंगा। उनकी सम्पत्ति पर कुंडली मार के बैठ जाऊंगा। अब मेरा नही मेरे भूत का राज चलेगा क्योकि में मुख्य मंत्री हूँ। supreme court order eviction house

ऐसे नेताओं के खिलाफ आंदोलन चलाएं supreme court order eviction house 

मैं मुलायम सिंह, नितीश कुमार, ममता बनर्जी मायावती ,नारायण दत्त तिवारी, कल्याण सिंह जैसे अन्य सभी मंत्रियो से जानना चाहता हूँ की क्या उन्हें रहने के लिए निवास नही हैं। या क्या वो डरपोक हैं ? उन्हें आदत सी पड़ गई है जनता के धन से ऐश करने का। लूट के मामले में सभी चट्टे बट्टे दिखाई दे रहा है। supreme court order eviction house 

किसी को इस बात का ध्यान नही आया की हमारा ही संविधान हमें कर्तव्य की पाठ पढा रहा है और हम पढ़ने को तैयार नही है। ऐसा लग रहा है की कानून कुछ लोगों के हाथ का खिलौना मात्र बन कर रह गया है। आखिर हो भी क्यों नही पूरी सिस्टम में भ्र्ष्टाचार व्याप्त है। कही से कोई एक स्वर ये सुनने में नही आया की हाँ भाई में माननीय न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए बंगला खाली कर रहा हूँ। supreme court order eviction house 

दिल्ली में डेंगू का दस्तक केजरीवाल सरकार बेखबर




इस काम के लिए मैं लोक प्रहरी नामक उस संस्था को धन्यवाद देता हूँ जिसने इस संवेदन शील मुद्दा को सुप्रीम कोर्ट में उठाया। उसके बाद धन्यवाद देता हूँ सुप्रीम कोर्ट के उन तीन जजों के बेंच को जिन्होंने इस ऐतिहासिक फैसले को सुनाया। जस्टिस अनिल आर द्वे के अगुआई बाली बैन्च में जसिटस युयु ललित और जस्टिस राजेस्वर राव थे।

दुःख की बात ये है की इलाहाबाद हाइ कोर्ट के फैसले को ताक पर रख दिया था उसके बाद यह फैसला आया है। देखिये सरकारी सम्पत्ति को किस तरह से ये एक भूमाफिया की तरह हथियाना चाहते हैं। supreme court order eviction house 

अब फैसला जनता करेगी supreme court order eviction house 

जनता जानती है जज भी आदमी है डरा धमका कर ये सब अपना काम निकालना अच्छी तरह से जानते हैं। अब सवाल यहां पर उठता है की क्या अब ये फैसला टल जाएगा। अब फैसला जनता करेगी इन सबका आगे चुनाव है। supreme court order eviction house 

इन सबको भी सोचना चाहिए देश को कुछ दिशा दें। ये जब जनप्रतिनिधि होकर ऐसा करते हैं तो ये बड़े दुःख की बात है। साथ ही मैं आमलोगों से एवम संस्थाओं से आग्रह करूँगा की इस मामले में वो अपनी आवाज को बुलंद करें। अपनी सम्पत्ति की रक्षा के लिए आगे आएं। ऐसे नेताओं के खिलाफ आंदोलन चलाएं जो सरकारी सम्पत्ति पर कब्जा जमाये बैठे हैं। कहने का मतलब ब्यापक स्टार पर भर्ष्टाचार के खिलाफ एक और आजादी की लड़ाई सबको लड़नी होगी। supreme court order eviction house  
( हरि शंकर तिवारी )

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