कुल्हड़ में ही पियें चाय take tea in kulhad

” प्रभु ” का आदेश कुल्हड़ में ही पियें मोदी सरकार की चाय





तुषार भट्ट,
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट भाषण के दौरान स्टेशन पर कुल्हड़ में चाय परोसने की बात कही थी। इसका मकसद था लघु उद्योग को बढ़ावा देना। बरहाल 25 मई को वाणिजय विभाग द्वारा सरक्यूलर जारी कर डिवीज़न के सभी स्टाल मालिकों को कुल्हड़ रखने का आदेश दे डाला। इस सरक्यूलर को देखते हुए सभी लाइसेंस धारकों को स्टाल पर विकल्प के तौर पर कुल्हड़ रखना ज़रूरी होगा। कुल्हड़ में ही पियें चाय take tea in kulhad

इसे पहले भी 2004 में लालू यादव और जॉर्ज फर्नांडेज ने भी रेल मंत्री बनते ही कुल्हड़ का चलन शुरू करा दिया था।

कुल्हड़ में प्रभु की चाय take tea in kulhad

इस सरक्यूलर में चेतावनी भी दी गयी है की यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो स्टाल मालिक के खिलाफ सख्त करवाई की जाएगी। एक टी स्टाल मालिक के अनुसार यह आदेश समझ से परे है क्योंकि जहाँ चाय 7 रूपए में बेचनी है वही कुल्हड़ की कीमत 3 रूपए है , इंन्हे संभाल के रखना भी आसान नहीं है क्योंकि वे मिटटी के बने होते है इसे रखने के लिए एक अलग सी जगह भी बननी पड़ेगी। वही कागज़ के कप की कीमत भी कम होती और इन्हे संभाल के रखना भी आसान होता है

सरक्यूलर से जुड़े सवाल को जब भारतीय रेल प्राधिकरण से पूछा गे तो उन्होंने कहा की कुल्हड़ सिर्फ एक विकल्प के तौर पर रखा जाएगा जिस भी टी स्टाल को कुल्हड़ रखना है वे रख सकते है। हो सकता है सरक्यूलर को पढ़ने में गलती की गयी हो। वही पश्चिम में भी चाय और लस्सी कुल्हड़ में परोसी जाती थी। कुल्हड़ में ही पियें चाय take tea in kulhad



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