तुर्की में तख्तापलट की कोशिश में सैकड़ों मुस्लमान की हत्या




आखिर क्या हो गया है इन इस्लामिक चरमपंथियों को, क्यों वो सबकुछ अपने तरीके से ही चलाना चाहते हैं। आज जहां देखो इस्लामिक चरम पंथ की ही बात सुनाई देती है । चाहे ये फ्रांस, अमेरिका,युके या इस्लामिक देश हो । turkish coup problem hundred killed 

हर जगह इनके द्वारा मार काट खून खराबा करने की खबर वृहत पैमाने पर देखने को मिलता है। अभी फ्रांस के लहू धुले भी नहीं थे की तुर्की में आर्मी ने एक इस्लामिक धर्मगुरु के बहकावे में आकर वहां के लोकतान्त्रिक सरकार को अपदस्थ करने की नाकाम कोशिश की। इस नाकाम तख्ता पलट में तक़रीबन 70 लोगों की जान गई और सैकंडों लोग घायल हुए है। turkish coup problem hundred killed 

इस्लामिक ( ISIS) हमलावरों ने फिर लिए सैकड़ों जान

घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सोचिये जब सारे लोग सो रहे थे तब तुर्की में घमाशान मचा हुआ था। चारों तरफ बम और गोलियों के गूंज की गूंज ही सुनाई दे रही थी। तुर्की की राजधानी अंकारा में चारो तरफ आग के शोले बरस रहे थे। ब्लास्ट, गन फायर, हवाई हमलों से राजधानी अंकारा दहल रहा था। turkish coup problem hundred killed 

राष्ट्रपति रेसेप तयीप ने लोगों से अपील करते हुए कहा की वो लोकतंत्र की रक्षा के लिए सेना के खिलाफ सड़कों पर उतरें। राष्ट्रपति के अपील के साथ ही जनता सड़कों पर तुर्की के झंडे और डंडे लेकर उत्तर आये। जनता के भाड़ी विरोध के कारण विरोधी आर्मी की कोशिश नाकाम हो गई। turkish coup problem hundred killed 

800 विद्रोही आर्मी को गिरफ्तार किया गया turkish coup problem hundred killed 

इस बीच नए आर्मी चीफ की घोषणा कर दी गई। लगभग 800 विद्रोही आर्मी को गिरफ्तार किया गया। तुर्की के प्रधानमंत्री विनाली यिलिदरीं ने कहा की स्थिति नियंत्रण में है। स्थिति काबू में आने के बाद राष्ट्रपति अंकारा से इस्ताम्बुल आ गये।

यहां आने के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा, सेना के जिस गुट ने तख्ता पलट कर लोकतंत्र की गला घोटने की कोशिश की है उसे इसका गम्भीर परिणाम भुगतने होंगे। राष्ट्रपति रेसेप तयीप ने कहा की अमेरिका में रह रहे इस्लामिक धर्मगुरु फतुल्लाह गुलेन के समर्थन में आर्मी ने ऐसा दुःसाहस किया।

राष्ट्रपति ने प्लेन हाई – जेक करने वालों को तुरंत गोली मारने के आदेश दिया। उन्होंने कहा गिरफ्तार लोगों में अधिकतर आर्मी अफसर हैं। बाकि हम ये कह सकते हैं की तुर्की में एक बार फिर लोकतंत्र की जीत हुई है। इससे पहले भी दो बार ऐसी कोशिश की जा चुकी है। turkish coup problem hundred killed 
( हरि शंकर तिवारी )



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