उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग समस्याओं का जड़ है : शीला दीक्षित




आख़िरकार वही हुआ, जिसकी आशंका व्यक्त की जा रही थी। आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने तीन बार के मुख्यमंत्री रह चुके , शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश का कांग्रेस पार्टी का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया गया है। uttar pradesh people creates problem 

आपको बता दें कि शीला दीक्षित के शासन काल में कई घोटाले हुए। जिसकी जाँच अभी भी चल रही है। जिसमें सबसे बड़ा घोटाला कामनवेल्थ गेम में हुआ था। जिसमें पूरी कांग्रेस पार्टी ने मिलकर सरकारी राजस्व को जमकर लुटा। अब फिर से शीला को उत्तर प्रदेश का खजाना लूटने के लिए मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाया गया है। uttar pradesh people creates problem 

यही शीला दीक्षित ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में एक बार बोली थी कि दिल्ली में समस्या की जड़ उत्तर प्रदेश और बिहार की जनता है। जो भी घटना घटती है, उसके जिम्मेवार उत्तर प्रदेश और बिहार की जनता है। अब देखने वाली मजेदार बात ये है कि क्या उत्तर प्रदेश की जनता शीला दीक्षित के उस बयान का बदला किस तरह लेती है। uttar pradesh people creates problem 

मैं बनूंगा उत्तर प्रदेश का अगला मुख़्यमंत्री : राहुल गांधी

पंद्रह साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही शीला दीक्षित अब युपी की मुख्य्मंत्री बनेगी। इसका विधिवत ऐलान कांगेस पार्टी ने कर दिया है। उत्तर प्रदेश कांगेस के अध्यक्ष पद संभालने के बाद अभिनेता से नेता बने राजब्बर ने एक नया पाशा फैंका है। इस बिषय में फैसला गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर के बीच लखनऊ में लम्बी वार्ता के बाद सामने आया है। uttar pradesh people creates problem

दिल्ली तो डूब गई अब यूपी की बारी है uttar pradesh people creates problem 

इस बार कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर हैं। जी हाँ ये वही प्रशांत किशोर हैं जो कि बिहार में लालू, नितीश कुमार एवं कांग्रेस गठबंधन के लिए विधान सभा का चुनावी निति निर्धारण किया था।

कहते है प्रशांत किशोर बहुमत से अधिक से अधिक सीट कांग्रेस को दिलाने की बात कर रहे हैं। प्रशांत के कहने पर ही शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष राजब्बर पर पार्टी का विश्वास करना लाजमी है। अभिनेता होने के साथ साथ वो लोक सभा के उपचुनाव में उत्तर प्रदेश के मुख़्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिम्पल यादव को हराया था।

इस समय वो राज्यसभा के सांसद भी हैं। अल्पसंख्यक होने के कारण मुस्लिम वोट भी इनके पक्ष में आ सकता है। 1998 से लेकर2013 तक दिल्ली की मुख़्यमंत्री रही शीला दीक्षित को अपना चेहरा बनाने के पीछे ब्राह्मण वोट है। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण पहले कांग्रेस के वोटर थे। बाद में ये बीजेपी के साथ कई कारणों से चले गए जिसके कारण कांग्रेस की दसा यूपी में खराब हो गई। uttar pradesh people creates problem

ब्राह्मणों के कारण मायाबती की हार और जीत हुई थी। आज एक बार सबकी नजर फिर ब्राह्मण वोटरों पर पड़ी हुई है। शीला दीक्षित उन्नाव जिला की बहू है। अपने को यहां की बहू बताकर ब्राह्मण वोटरों को युपी में अपने पक्ष में करने कि कांग्रेस की कोशिश कहाँ तक सफल होगी? ये तो आने वाला समय बताएगा।

इस बार कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर हैं।uttar pradesh people creates problem 

अपने पंद्रह साल के शासन में शीला दीक्षित ने दिल्ली की जी दशा की उसे सब जानते हैं। आप की आंधी ने शीला के साथ पूरी कांग्रेस को अपने साथ ही बहा ले गई। भ्रष्टचार, घोटाला और शीला दीक्षित को जेल भेजने के नाम पर ही केजरीवाल सत्ता में आये।

चुनाव हारने के बाद शीला दीक्षित को केरल का गवर्नर बनाया गया था। बीजेपी सरकार होने के कारण उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया। कहने का तातपर्य ये हुआ कि दिल्ली तो डूब गई अब यूपी की बारी है। कई मामले कोर्ट में पड़े हुए हैं, अब तो अल्ला जाने क्या होगा उत्तर प्रदेश का।  uttar pradesh people creates problem 
( हरि शंकर तिवारी )



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