एसएचओ को मिली नेकी की सजा sho was sentenced to righteousness




प्रवीण कुमार,
देश की राजधानी दिल्ली के सन लाइट कॉलोनी थाना में पिछले कुछ महीनो से तैनात ईमानदार एसएचओ प्रदीप कुमार पालीवाल को उनके ईमानदारी से काम करने की सजा मिली, जिसके तहत उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया। इससे इलाके के लोगो और समाजिक संगठनों में काफी रोष है।
ज्ञात रहे कि तीन महीने पहले 22 फरवरी को सनलाइट कॉलोनी थाना में प्रदीप कुमार पालीवाल एसएचओ तैनात हुए जिसने पुरे क्षेत्र में अवैध रूप से रेडी पटरी पर अपनी दुकाने चला रहे लोगों को सबक सिखाते हुए खाली कराया, जिससे अक्सर जाम रहने वाली सड़के साफ़ सुथरी और खाली हो गई, क्षेत्र में होने वाली जाम की समस्या से भी लोगो को निजात मिल गई, क्षेत्र के बीसी, गुंडे मावली और उठाई-गिरे व अन्य माफिया तबके के लोग क्षेत्र छोड़कर भाग खड़े हुए। जिस कारण इन धंधो से जुड़े उचे राजनीत पहुंच रखने वाले लोगों ने एक साजिस के तहत एसएचओ प्रदीप कुमार पालीवाल पर झूठा आरोप लगाकर शिकायत किया और उन्हें 18 मई को लाइन हाजिर करवा दिया गया। अब इन माफियाओं का दुबारा से इस क्षेत्र में दबदबा दिखना शुरू हो गया है, जिससे आम स्थानीय निवासियों को फिर से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्थानीय समाज सेवियों ने एसएचओ के स्थांतरण का विरोध करते हुए वापस बुलाने की मांग की है।
ज्ञात रहे कि गत दिनों सराय काले खां क्षेत्र में सड़कों पर अवैध रूप से कब्जा करने वालो पर करवाई हेतु अपने टीम के साथ एसएचओ ने छापा मारा तो वहां के स्थानीय असमाजिक तत्वों व माफियाओं ने साजिश के तहत कुछ महिलाओं को आगे कर पुलिस टीम पर हमला करवा दिया। जिसमें सात पुलिस कर्मी गम्भीर रूप से घायल हुए व कुछ स्थानीय लोगों को भी चोटें आई, इसी घटना को आधार बनाकर माफियाओं ने अपने आका से शिकायत कर एसएचओ प्रदीप कुमार पालीवाल का तबादला करा दिया। जोकि सरासर नाईंसाफी है और क्षेत्र में ईमानदारी रूप से रह रहे लोगों पर गुंडों का खौफ फिर से दिखने लगा है। एसएचओ को मिला नेकी की सजा sho was sentenced to righteousness




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