इस बार बजट पड़ सकता है “सोना-चांदी” पर भारी

मोदी सरकार 5 जुलाई को अपना पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। बताया जा रहा है की इस बार केंद्र सरकार एक बड़ा फैसला ले सकती है। इनहेरिटेंस टैक्स के माध्यम से जेवर, सावधि जमा (एफडी) या बैंक डिपॉजिट के रूप में मिली पुश्तैनी संपत्तियों पर टैक्स लगाया जा सकता है। न्यूज एजेंसी आइएएनएस के सूत्रों के मुताबिक सरकार इसे टैक्स से हासिल आय बढ़ाने के लिए नहीं, कालाधन पर लगाम लगाने की कोशिशों के तौर पर पेश कर सकती है। sona chandi rate

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मोदी सरकार जनता की भलाई के लिए जानी जाती है। इस समय इनहेरिटेंस टैक्स लगाने का बेहतर मौका है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि लोग सरकार-अनुमोदित संस्थाओं और ट्रस्ट को दान देकर इस टैक्स से मुक्ति पा सकते हैं। ऐसे में संस्थाओं और ट्रस्टों को दिए गए दान से आम जनता का ही भला होगा, क्योंकि यह रकम उनकी भलाई के कामों में लगाई जाएगी। sona chandi rate

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आपको बता दें की सरकार ने इनहेरिटेंस टैक्स पर पहले भी चर्चा की थी, लेकिन इसे लागू नहीं कर पाई थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह का टैक्स इस वक्त लाने से नकदी की कमी से जूझ रहे सेक्टरों को और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। sona chandi rate

इस टैक्स को सन 1985 में ही ख़तम करदिया गया था लेकिन, अब सरकार बजट में इसकी घोषणा कर सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने इसके लिए प्लान तैयार कर लिया है। गिफ्ट या पैतृक संपत्ति पर लगने वाले टैक्स को इनहेरिटेंस टैक्स कहते हैं।

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