आज है निर्जला एकादशी, जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है। वर्ष के प्रत्येक महीने में 2 एकादशी पड़ती है। इस वर्ष ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष में अचला एकादशी एवं शुक्ल पक्ष में निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। devotional nirjala ekadashi

तदनुसार इस वर्ष ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी 13 जून 2019 को मनाई जाएगी। इस व्रत में पानी पीना भी वर्जित है, इसलिए इस एकादशी को निर्जला एकादशी कहते है।

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निर्जला एकादशी की कथा

एक बार महर्षि व्यास पांडवो के घर पर पधारे, भीम ने उनका आदर-सत्कार किया। किन्तु भीम के उदास भाव को देखकर महर्षि व्यास जी ने पूछा, क्या बात है ? क्यों चिंतित नजर आ रहे है ? तत्पश्चात भीम ने व्यास जी से कहा, ‘हे महर्षि! भैया युधिष्ठिर, अर्जुन, माता कुंती तथा द्रौपदी के साथ-साथ नकुल, सहदेव सभी एकादशी का व्रत करते है।’ devotional nirjala ekadashi

‘किन्तु मैं बिना भोजन ग्रहण किए रह नही सकता हूँ, इसलिए चिंतित हूँ। हे मह्रिषी, ऐसा कोई व्रत का विधान बताएं जिसके करने से मुझे असुविधा भी ना हो तथा समस्त फल मुझे प्राप्त हो जाए।’ महर्षि व्यास जी जानते थे कि भीम भूखा नही रह सकता है। अतः व्यास जी ने भीम से कहा ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी व्रत रखा करो। devotional nirjala ekadashi

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