आज है प्रदोष व्रत, जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 14 जून 2019 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। कलयुग में प्रदोष व्रत का अतुल्य महत्व है, भगवान शिव जी के भक्त श्री सूत जी का कहना है की जो भक्त प्रदोष व्रत के दिन उपवास रख कर शिव जी की आराधना व् पूजा करते है, उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है तथा सभी प्रकार का दोष दूर हो जाता है एवं परिवार में मंगल ही मंगल होता है। devotional pradosh vrat

आज सुबह की ताज़ा ख़बरें | 14th June 2019

प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने के दोनों पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है। भक्तगण सप्ताह के सातो दिन व्रत रख सकते है। ऐसी मान्यता है की प्रदोष व्रत को करने से सप्ताह के सातो दिन भिन्न -भिन्न प्रकार की मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। रविवार को प्रदोष व्रत करने से शरीर निरोग रहता है, सोमवार को प्रदोष व्रत करने से इच्छित फल मिलता है, मंगलवार को प्रदोष व्रत करने से रोग से मुक्ति मिलती है, बुधवार को प्रदोष व्रत करने से सभी प्रकार की मनोकामना सिद्ध होती है। गुरुवार को प्रदोष व्रत करने से शत्रु का नाश होता है, शुक्रवार को प्रदोष व्रत करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है , तथा शनिवार को प्रदोष व्रत करने से पुत्र की प्राप्ति होती है। devotional pradosh vrat

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