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अध्यात्म

19 अक्टूबर 2018 को है मध्वाचार्य की जीवनी



मध्वाचार्य जी का जन्म 1238 ई में हुआ था। ये तत्काल भारत में भक्ति आंदोलन के महत्वपूर्ण दार्शनिकों में से एक थे। मध्वाचार्य जी आनन्दतीर्थ और पूर्णप्रज्ञ के नाम से प्रसिद्ध है। जबकि मध्वाचार्य जी तत्ववाद के प्रवर्तक थे। जिसे द्वैतवाद भी कहा जाता है। वेदांत के तीन प्रमुख दर्शनों में दवैतवाद एक है। धार्मिक मान्यता अनुसार मध्वाचार्य जी को वायु देव का तृतीय अवतार माना जाता है। .वायु देव के अन्य दो अवतार क्रमशः भीम तथा हनुमान जी है।इस वर्ष 19 अक्टूबर 2018 को माधवाचार्य जयंती मनाई जाएगी। know Madhvacharya life story

मध्वाचार्य जी की जीवनी know Madhvacharya life story

मध्वाचार्य जी तत्काल समय के अग्रदूत माने जाते थे। वे कई बार समाज में प्रचलित रीतियों के खिलाफ गए। इन्होनें ही द्वैत दर्शन का प्रतिपादन किया और द्वैत दर्शन के ब्रह्मसूत्र पर भाष्य लिखा। इस वेदांत के व्याख्यान के लिए इन्होनें एक स्वतंत्र ग्रन्थ अनुव्याख्यान भी लिखा। गीता और उपनिषदों पर टीकाएँ, श्रीमद्भागवतपुराण पर टीका तथा महाभारततात्पर्य निर्णय टीका आदि इनके अन्य ग्रन्थ है। know Madhvacharya life story

मध्वाचार्य जी का जन्म 1238 ई में दक्षिण कन्नड़ जिले के उड्डप्पी शिवल्ली नमक स्थान के पास पाजक गाँव में हुआ। बाल्यावस्था में ही ये वेद और वेदांगों के प्रख्यात ज्ञाता हुए। सत्य का ज्ञान प्राप्त करने के इन्होने सन्यास लिया। सन्यास के पश्चात इनका अधिकांस समय पूजा, ध्यान, अध्ययन व् शास्त्रचर्चा में बीतता था। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythlogy.org

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