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25/03/2019
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pradosh vrat history 
अध्यात्म

आज है प्रदोष व्रत,जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास




हिन्दू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार मास में दो प्रदोष व्रत मनाया जाता है। प्रथम कृष्ण पक्ष तथा द्वितीय शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है। इस वर्ष मार्गशीर्ष मास में शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत शुक्रवार 1 दिसबंर 2017 को मनाया जाएगा। pradosh vrat history 

कलयुग में प्रदोष व्रत का अतुल्य महत्व है, भगवान शिव जी के भक्त श्री सूत जी का कहना है की जो भक्त प्रदोष व्रत के दिन उपवास रख कर शिव जी की आराधना व् पूजा करते है, उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है तथा सभी प्रकार का दोष दूर हो जाता है ऐवम परिवार में मंगल ही मंगल होता है। pradosh vrat history 

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प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने के दोनों पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है । भक्तगण सप्ताह के सातो दिन व्रत रख सकते है। ऐसी मान्यता है की प्रदोष व्रत को करने से सप्ताह के सातो दिन भिन्न -भिन्न प्रकार की मनोकामनाएँ पूर्ण होती है।अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें hindumythology.org







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