6 अक्टूबर 2018 को है प्रदोष व्रत, जानिए व्रत की कथा एवं इतिहास



वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, अश्विन माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी शनिवार 6 अक्टूबर 2018 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। pradosh vrat katha 2018

कलयुग में प्रदोष व्रत का अतुल्य महत्व है, भगवान शिव जी के भक्त श्री सूत जी का कहना है की जो भक्त प्रदोष व्रत के दिन उपवास रख कर शिव जी की आराधना व् पूजा करते है, उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है तथा सभी प्रकार का दोष दूर हो जाता है एवं परिवार में मंगल ही मंगल होता है। pradosh vrat katha 2018

मासिक शिवरात्रि की कथा एवम इतिहास

प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने के दोनों पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है । भक्तगण सप्ताह के सातो दिन व्रत रख सकते है। ऐसी मान्यता है की प्रदोष व्रत को करने से सप्ताह के सातो दिन भिन्न -भिन्न प्रकार की मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythlogy.org

पीएम मोदी को मिला पर्यावरण का सर्वोच्च सम्मान